अंतागढ़ टेपकांड समेत कई राजनीतिक मामलों में नेताओं पर कानूनी कार्रवाई को लेकर भड़का विपक्ष, बीजेपी ने कहा-लोकतंत्र की हत्या कर रही सरकार, जेसीसी बोली- CM हाउस कर रहा पुलिस को डिक्टेक्ट

रायपुर- अंतागढ़ टेपकांड समेत विभिन्न मामलों में राजनीतिक नेताओं पर की जा रही कार्रवाई के मामले में आज सदन जमकर उबला. विपक्षी सदस्यों ने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए चर्चा की मांग की, जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर दिया. भारी हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित भी की गई. दोबारा कार्यवाही शुरू होने के बाद भी सदन में हंगामे की स्थिति बनी रही. आसंदी ने कहा कि इस मामले में अग्राह्य कर दिया गया है. शासन चाहे तो इस पर कल जवाब दे सकता है.

विपक्षी सदस्य शिवरतन शर्मा ने शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश भर में बीजेपी के कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है. अजय चन्द्राकर ने कहा कि- दुर्भाग्य की बात है कि जन आकांक्षाओं के काम को छोड़कर आतंक, डर और भय के वातावरण का माहौल बना रहे है. वहीं नारायण चंदेल ने कहा कि प्रदेश में आज अराजकता की स्थिति है. असंतोष व्याप्त है. अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है. झूठे मुकदमे चलाये जा रहे हैं. बदले की भावना से राजनीति करना नई सरकार को शोभा नहीं देता. वरिष्ठ बीजेपी विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विरोधी दल के नेताओं को परेशान किया जा रहा है. हमारे कार्यकर्ताओं को सुकमा में, बलरामपुर में धमकी दी जा रही है. इस पर चर्चा होनी चाहिए. यदि इस पर आज रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति अच्छी नहीं होगी. शिवरतन शर्मा ने कहा- पूरे प्रदेश में लोकतंत्र पर संकट है. विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच सदन में भारी शोर गुल के हालात बन गए. सत्तापक्ष के सदस्यों ने भी विपक्षी सदस्यों के आरोपों पर जमकर प्रतिकार किया. सत्तापक्ष के विधायकों ने लगाया नारा नेता बचाओ अभियान नहीं चलेगा. विपक्ष ने लोकतंत्र की हत्या बन्द करो जैसे नारे लगाए.

मुख्यमंत्री निवास से पुलिस को डिक्टेट किया जा रहा- धर्मजीत सिंह

इस बीच जेसीसी विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जनता ने भरोसे के साथ जिम्मेदारी दी है, लेकिन मुख्यमंत्री को जो नापसंद है. जिनसे वे नफरत करते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया जा रहा है. अंतागढ़ टेपकांड में अजीत जोगी, अमित जोगी पर एफआईआर दर्ज की गई है. ऐसी धाराएं लगाई गई है, जिनकी वैधता एक साल की है लेकिन धाराएं चार साल बाद लगाई गई.नेताओं को भय व्याप्त करने का, पुलिस का खौफ दिखाया जा रहा है. पुलिस को डिक्टेट किया जा रहा है कैसे जेल में डालना है. मुख्यमंत्री निवास से ये हो रहा है.भय के वातावरण से सरकार नहीं चलती.

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