इस नगर पंचायत के कांजी हाउस में भूख प्यास से बछड़े समेत 3 गायों की मौत, जिम्मेदार कौन ?

अमर मंडल,पखांजूर। कांकेर जिले के नगर पंचायत पखांजूर के कांजी हाउस में पिछले कुछ दिनों एक बछड़े समेत तीन गायों की मौत हो चुकी है. माना जा रहा है कि गायों की मौत भूख प्यास से हुई है. गायों की मौत का मामला तब सामने आया, जब कुछ ग्रामीण अपने गाय खोजते हुए नगर पंचायत के कांजी हाउस पहुंचे और वहां लोगों ने देखा कि गायें मरी हुई है. इसकी जानकारी ग्रामीणों ने वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद को दी. जिसके बाद इसकी जानकारी नगर पंचायत को हुई.

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बताया जा रहा है कि तेलंगाना राज्य में ले जाते हुए गौतस्करों को पखांजूर पुलिस ने पकड़ा था. इनके पास से बरामद की गई 20 गायों को नगर पंचायत पखांजुर के कांजी हाउस में रखा गया था. उस समय कांजीहाउस का संचालन श्रीदाम नाम के व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था. मवेशियों के रखने के कारीबन दो दिन बाद ही लिखित रूप से श्रीदाम ने संचालन कार्य छोड़ दिया था. जिसके बाद कांजीहाउस का संचालन पिजुष मंडल नाम के व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है, जबकि इस बारे में अब तक लिखा पड़ी नहीं हुआ हैं. नगर पंचायत से टेंडर नहीं होने के चलते पिजुष मंडल द्वारा अच्छा प्रपोजल दिखाया गया था. जिससे कि नगर पंचायत इम्प्रेस था, लेकिन तब तक कांजी हाउस में कोई भी उचित व्यवस्था नहीं हुआ था.

नगर पंचायत द्वारा संचालित कांजी हाउस में रखे गऐ पशुओं के लिए कोई चारा और पेयजल की व्यवस्था तक नहीं है, जबकि कांजीहाउस में गौधन योजना के बड़े बड़े बैनर लगाए गए हैं. जिसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कई बड़े बड़े मंत्रियों की फोटोज लगी है, मगर यहां मवेशियों के खान पान और सुरक्षा की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है. कई दिनों से इस कांजी हाउस में 20 से अधिक मवेशियों को भूखा प्यासा बंद रखा गया है.

संभावना जताया जा रहा है कि तीनों गायों की मौत भी भूख प्यास के कारण ही हुई होगी. इस कांजी हाउस में वर्तमान में 20 से अधिक मवेशी बंद थे, पर मवेशियों के लिए कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, न ही इन्हें कोई पानी पिलाने वाला है और न ही कोई चारा देने वाला. आलम यह है की पांच दिनों से कोई इस कांजी हाउस में झांकने तक नहीं आया था. इसकी पुष्टी करते हुए कांजी हाउस के पड़ोस में रह रहे दुलाल मंडल ने बताया कि पांच दिन पूर्व पियूष मंडल आऐ थे मजदूर की व्यवस्था होने तक दो दिन कांजी हाउस की देख रेख करने मवेशियों को पानी पिलाने को कहा था, पर पांच दिन हो गऐ न कोई मजदूर आया और न ही पियूष मंडल.

15 अक्टूबर की रात एक गाय और पिछले रात दो पशुओं की मौत हो गई है. मौत कैसे हुए उन्हें नहीं पता. दो पशुओं की मौत शुक्रवार की रात हो गई. घटना की जानकारी पी.व्ही. 55 के कुछ ग्रामीण अपने गाय की खोज में कांजी हाउस पहुंचे, वहां भी कोई नहीं था. जिसके बाद वे कांजीहाउस के भीतर दो मवेशियों को मरे दिखे और इसकी जानकारी वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद नारायण साहा को दी. जिसके बाद पशुओं की मौत का मामला सामने आया.

मामला सामने आते ही नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 के भाजपा के पार्षद नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष मोनिका साहा औऱ वार्ड क्रमांक 14 के पार्षद नारायण साहा ने बताया कि अर्से से कांजी हाउस में अव्यवस्था है. इसकी जानकारी कई बार नगर पंचायत के सीएमओ से शिकायत कर चुके है. गांव से बैल ले आया जाता है, पर न उनके खाने पीने की कोई व्यवस्था की जाती और न ही साफ सफाई की कोई व्यवस्था है. बारिश हो तो मवेशियों को सुरक्षित सुखे में खड़े होने तक की कोई व्यवस्था नहीं है, पर नगर पंचायत पखांजूर के सीएमओ अरविंद योगी कभी कांजीहाउस को देखने तक नहीं आते. इन गायों की मौत के लिए नगर पंचायत पखांजूर और सीएमओ जिम्मेदार है.

मोनिका साहा ने बताया कि 3 गायों की मौत के बाद पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया है. 20 गायों में तीन गायों की मौत हुई, बाकी के 17 गायो को कहा रखा गया है. जबकि कांजीहाउस में आज कर्मचारी साफ सफाई कर रहे हैं वहाँ कोई गाय नहीं है, तो सवाल यह उठता है कि बाकी के 17 गायों को कहा रखा गया है या सभी गायों को छोड़ दिया गया है.

सफाई कर्मचारी स्वपन मंडल ने बताया कि नगर पंचायत के सीएमओ ने कांजीहाउस की साफ सफाई के लिए आदेश दिया, तो दोनों सफ़ाई कर्मचारी कांजीहाउस का साफ सफाई कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे से साफ सफाई कर रहे, मगर कोई मवेशियों को नहीं देखा गया. कांजीहाउस के पड़ोसी दुलाल मंडल ने बताया कि नगर पंचायत के कर्मचारी ने सभी मवेशियों को कांजीहाउस से छोड़ दिया है.

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