काँग्रेस की “मुर्गा लड़ाई” में आया नया मोड़, मोतीलाल वोरा ने कहा कि ना मुर्गा ना मुर्गी, सबने लिया सिर्फ चाय और बिस्कुट!

रायपुर. विगत कुछ दिनो से चल कांग्रेस की तथाकथित, मुर्गा लड़ाई ने आज फिर जोर पकड़ा! एक दैनिक अखबार मे दिए गए बयान मे पूरे मामले से अपना पल्ला झाड़ते हुए श्री मोतीलाल वोरा ने कहा कि माना एयरपोर्ट लाउंज में सबने सिर्फ चाय पी और बिस्किट खाए ! वोरा के इस चौकाने वाले बयान से ना केवल उनके समर्थक बल्कि इस पूरे मामले पर अपनी नजर लगाए कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी सकते में है!
वोरा समर्थको की माने, तो अखबार में दिए बयान मे मोतीलाल वोरा ने ऐसे किसी वाकये से इनकार कर अपनी सज्जनता व बड़प्पन का परिचय दे दिया है, पर मामला गंभीर है।
उल्लेखनीय है कि इस घटनाक्रम के विडियो और फोटोग्राफ, वोरा के बयान आने के पहले ही सोशल मीडिया और सभी अखबारों में प्रकाशित हो चुके हैं! इस बीच आए श्री वोरा के बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं!
समर्थको का कहना है कि मोतीलाल वोरा स्वयं ही सज्जनता और बड़प्पन की एक ऐसी मिसाल हैं जो प्रत्येक विवाद का समाधान संवाद के जरिये ही ढूंढते है, इसलिए उन्होंने अपनी सुपरिचित गरिमा का परिचय देते हुए इस प्रकरण का पटाक्षेप ऐसी सहजता से तो कर दिया, मगर स्पष्ट है कि यह वरिष्ठ द्वारा अपने कनिष्ठ के सम्मान को बनाए रखने के लिए उठाया गया कदम है!
वही राजनितिक परिदृश्य में प्रत्यक्ष तौर पर कभी ना नजर आने वाले, मगर इस मामले मे खुल कर सामने आए वोरा के भतीजे और वरिष्ठ पत्रकार और संपादक स्व. गोविंद लाल वोरा के पुत्र राजीव वोरा ने मोतीलाल वोरा  के ताजा बयान को समाधान की दिशा में ( संगठन ) कांग्रेस की एकता के लिए एक ठोस पहल निरूपित करते हुए यह आशा व्यक्त की है कि भविष्य में किसी भी प्रकार के अप्रिय प्रसंग की संभावनाओं को विराम लगेगा |
वही वोरा के एक समर्थक ने नाम न छापने की कि शर्त पर बताया की मोतीलाल वोरा के इस रुख से राजीव बिल्कुल सहमत नहीं हैं! उन्होने बताया की राजीव वोरा का कहना है कि, राजनीतिक तौर पर भी विरोध दर्ज कराते हुए नेता राजनीतिक शिष्टाचार की हदें लांघें, यह अपेक्षित तो नहीं होता, लेकिन अपनी ही पार्टी के बड़े नेताओं के सम्मान का सामान्य शिष्टाचार भी अगर उनकी शख्सियत में शुमार नहीं हो, तो अचंभा होगा ही । कांग्रेस में जिन मोतीलाल वोरा के सम्मान का विशेष ध्यान स्वयं श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और श्रीमती प्रियंका वाड्रा (गांधी) रखती हों, उन के साथ बैठे लोगों को शिष्टाचार का ध्यान चाहिए।
खैर इन बयानबाजीओं के बीच में जो भी हो, मोतीलाल वोरा के आज बयान से कांग्रेस के मुर्गा कांड का पटाक्षेप हो गया और कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारीयो ने राहत की सास ली!

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