छात्रा मनीता की मौत का मामला : डीईओ ने भेजी रिपोर्ट, लेकिन कलेक्टर ने गठित किया तीन सदस्यीय जांच दल

जशपुर। जिले पंड्रापाठ की छात्रा मनीता के मौत मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर के साथ ही स्कूल शिक्षा सचिव को भेज दी है. लेकिन कलेक्टर निलेशकुमार महादेव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है. जांच टीम में बगीचा एसडीएम रवि मित्तल, बगीचा कार्यपालिक दण्डाधिकारी बगीचा संजय कुमार राठौर और बाल विकास परियोजना अधिकारी लीलावती पैंकरा शामिल है. जांच टीम से कलेक्टर छात्रा मनीता की मौत मामले की पूरी रिपोर्ट जल्द देने को कहा है.

आपको बता दे दि कि बीते दिनों 10वीं पढ़ने वाला छात्रा मनीता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में कई तरह की खबरें सोशल मीडिया में आई. जिसमें कहा कि गया कि परीक्षा उड़नदस्ता टीम ने मनीता के कपड़े उतरवाकर जांच किए हैं. और इसी से लज्जित होकर मनीता ने आत्महत्या की है. इस मामले की शिकायत आते हीं तत्काल ने जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से जांच शुरू की गई.

जिला शिक्षा अधिकारी ने जशपुर कलेक्टर के साथ स्कूल शिक्षा सचिव को भेजी रिपोर्ट में मनीता का परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की चेकिंग होने से इंकार किया है. जिला शिक्षा अधिकारी ने बीआर ध्रुव ने अपनी जांच रिपोर्ट जो जानकारी दी है उसमें कहा है कि, उड़नदस्ता दल की ओर से छात्रा मनीता की जांच नहीं की गई थी. 1 मार्च को उड़नदस्ता दल शासकीय हायरसेकेण्डरी स्कूल पण्ड्रापाठ परीक्षा केन्द्र पहुंचा था. इस उड़नदस्ता दल के प्रभारी सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एस.के.वाहने थे. उड़नदस्ता दल में महिला शिक्षिका भी शामिल थीं. स्कूल पहुंचने के बाद दल ने परीक्षा कक्षों का मुआयना किया और नकल की आशंका के आधार पर दो-तीन परीक्षार्थियों की पृथक से जांच की गई. एक परीक्षार्थी के पास जांच के दौरान नकल सामग्री मिली. जिसके कारण उसका नकल प्रकरण बनाया गया. जांच के दौरान किसी भी परीक्षार्थी के कपड़े नहीं उतरवाए गए. इस दौरान उड़नदस्ता दल द्वारा कोई भी ऐसा कार्य, व्यवहार अथवा बरताव नहीं किया गया जिससे बच्चों को परीक्षा देने में कोई व्यवधान आए.

जिला शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया है कि नकल की आशंका के आधार पर जिस छात्रा की जांच उड़नदस्ता दल के महिला सदस्य द्वारा पृथक से की गई थी  वह छात्रा 10वीं बोर्ड परीक्षा में अभी शेष विषयों की परीक्षा दे रही हैं. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी खुलासा किया है कि मृतक छात्रा मनीता को उसके परिजनों द्वारा 10 वीं बोर्ड की परीक्षा अवधि में मोबाईल देखने और खेलते रहने से मना किया गया था, जिसके कारण उसने ऐसा कदम उठाया होगा यह कहा जा रहा है.  उन्होंने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि एक मार्च को उड़नदस्ता दल की ओर से बनाए गए नकल प्रकरण को लेकर परीक्षार्थियों एवं पालकों में किसी भी तरह का न तो भय है, न ही आक्रोश. परीक्षा केन्द्र पण्ड्रापाठ में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की परीक्षाएं शान्तिपूर्ण ढंग से संचालित हो रही है.

उड़नदस्ता दल के प्रभारी अधिकारी एस.के.वाहने ने उड़नदस्ता दल द्वारा जांच के दौरान परीक्षार्थियों के कपड़े उतरवाने के आरोप को असत्य बताया है. उन्होंने कहा है कि उड़नदस्ता दल नकल की आशंका के चलते दो-तीन परीक्षार्थियों को प्राचार्य कक्ष में बुलावकर उनसे सामान्य पूछताछ की गई और सहज तरीके से उनकी जांच की गई थी. इस दौरान एक परीक्षार्थी जिसका रोल नंबर 1197202447 है, के पास नकल सामग्री मिलने पर नकल प्रकरण बनाया गया है.

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