दिग्विजय सिंह ने सीएम शिवराज को लिखा पत्र, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या की दिलाई याद, कहा- आरोपियों को मिले फांसी की सजा

राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। दिग्विजय सिंह ने पत्र के माध्यम से आदिवासी बाहुल्य जिले मंडला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या का मामला उठाते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्र के माध्य़म से निशाना साधते हुए पिछले चुनाव में भी कांग्रेस नेताओं की हत्या की याद दिलाई है। Lalluram.Com पर पढिए दिग्विजय सिंह द्वारा सीएम शिवराज को लिखा पत्र, बिलकुल उन्हीं की भाषा में… 

प्रिय श्री शिवराज सिंह चौहान जी,

प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिले मंडला में कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या किये जाने के मामले की जानकारी आप को लग गई होगी। किस तरह 27 साल के अभिषेक ज्योतिषी की गुंडों ने घर में घुसकर धारदार हथियार से हत्या कर दी और फरार हो गये।

राजनैतिक कार्यकर्ताओं की सरेआम हो रही हत्याओं ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गत वर्ष भी मंडला जिले में आतंक फैला रहे गुंडों ने एनएसयूआई कार्यकर्ता सोनू परोचिया की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मंडला जिला मुख्यालय की ईडन गार्डन कॉलोनी में रहने वाले अवधेश ज्योतिषी के पुत्र अभिषेक ज्योतिषी की शरद पूर्णिमा की रात बजरंग दल के पूर्व नगर प्रमुख छोटे लाल यादव, जानू मिश्रा, सौरभ कछवाह ने अपने 25-30 साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी और भाग गए।

यह प्रकरण जबलपुर संभाग के अनुसूचित जनजाति आबादी वाले मंडला जिले में ध्वस्त हो चुकी कानून व्यवस्था की कहानी कह रहा है। मंडला में आतंक का पर्याय बने बाबूलाल यादव ने अपने साथियों के साथ श्री ज्योतिषी के घर पर रात 11 बजे के बाद तलवारें लहराते हुए हमला किया। अभिषेक की बहन को बुरी तरह मारा और बचाने आई माँ के कपड़े फाड दिये। घर पर रखी मोटर साइकिल पर तलवारें मारी और तोड़ने के बाद जला दिया। जब अभिषेक का छोटा भाई आनंद, माँ और बहन को बचाने सामने आया तो हथियारों से हमला कर उसका सिर फोड़ दिया था।

जानलेवा हमले से घबराये भाई आनंद और बहन कोतवाली थाने की तरफ भागे। तब तक बाबूलाल यादव और उसके साथ आये गुंडे लहुलुहान अभिषेक को घर से उठाकर ले गये। उस पर तलवारों से 40-50 वार किये पूरा शरीर छलनी कर दिया। मारने के बाद अभिषेक को घर से सौ मीटर दूर नाले में फेंक गये। जहाँ सुबह मौहल्ले वालों ने अभिषेक को मृतावस्था में पड़ा पाया। उधर छोटा भाई आनंद, बहन के साथ थाने में खून से लथपथ अवस्था में पहुंचा। थाने में मौजूद पुलिस बल ने बड़े अमानवीय रूप से उनसे व्यवहार किया। उन्हे इलाज के लिये अस्पताल भी नहीं भेजा, न ही पुलिस तत्काल वारदात स्थल पर उनके घर पहुंची। थाने में घंटों बैठाये रखने के बाद जब पुलिस पहुंची तब तक सभी हमलावर फरार हो गये थे। रातभर पुलिस अभिषेक और हमलावरों को ढूंढने की नौटंकी करती रही और कुछ पता नहीं चला। जबकि पूरे शहर में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे हैं और कंट्रोल रूम से उन पर निगरानी रखी जाती है। सूत्र बताते हैं कि हत्यारों ने कॉलोनी के बीच चौराहे पर तलवारों पर धार बनाई थी और नारे लगाते हुए आतंक फैलाया था। बाद में वे अभिषेक के घर गये थे।

दूसरे दिन अभिषेक की लाश घर से कुछ कदम की दूरी पर मिली। सारे हमलावर बजरंग दल नामक संगठन के बताये गये हैं। मुख्य आरोपी बाबूलाल यादव बजरंग दल का पूर्व नगर संगठक था और अब जिला पदाधिकारी बताया गया है। इसी के चचेरे भाई हैप्पी यादव ने गत वर्ष एक अन्य एनएसयूआई कार्यकर्ता सोनू परोचिया की जीप से कुचलकर हत्या कर दी थी।

बाबूलाल यादव और उसके साथ पूरे मंडला शहर में आतंक फैलाने वाले गुंडों पर शहर में मारपीट, हमला, गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी दिये जाने के अनेक मामले थानों में दर्ज हैं। गत वर्ष इसी बाबूलाल यादव ने मृतक अभिषेक ज्योतिषी पर जान लेवा हमला किया था। जिसकी रिर्पोट कोतवाली थाने में दर्ज है। जिसमें अभिषेक ने अपनी जान को इन गुंडों से खतरा बताया था। पुलिस ने एहतियातन कोई कदम नहीं उठाये और नतीजे में एक और कांग्रेस कार्यकर्ता गुंडों के हाथों मारा गया। सरकार कह रही है कि गुंडों, माफियाओं को राज्य में नहीं रहने देंगे पर पुलिस के संरक्षण में गुंडे मंडला जिले में दहशत फैला रहे हैं। इन गुंडों द्वारा सोशल मीडिया पर लोगों को धमकाया जा रहा है। पुलिस तंत्र इनके सामने नतमस्तक प्रतीत होता है।

एनएसयूआई महामंत्री सोनू परोचिया हत्या मामले की भी दिलाई याद 

पिछले साल जब एनएसयूआई के महामंत्री सोनू परोचिया की गोली मारने के बाद जीप से कुचल कर हत्या कर दी गई थी। मैंने आपको एक पत्र लिखा था, जिसकी प्रति संलग्न है। पत्र में मैंने आपसे अनुरोध किया था कि मण्डला जैसे शांति प्रिय जिले से गुंडों के खिलाफ अभियान चलाये जाये। उस समय यदि सरकार ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाये होते तो आज एनएसयूआई का एक और कार्यकर्ता अभिषेक न मारा जाता। अभिषेक अपने परिवार का एक मात्र कमाने वाला सदस्य था। इस परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से तत्काल राहत राशि भी दी जानी चाहिये।

गुंडों की न कोई जाति होती है न मजहब

कानून व्यवस्था की धज्जियाँ उड़ाने वाले समाज के दुश्मन बने गुंडों की न कोई जाति होती है न मजहब होता। ऐसे गुंडों की जगह जेल में होना चाहिये, पर दुर्भाग्य यह है कि शांति पूर्ण जिले मंडला में पिछले कुछ समय से गुंडे धार्मिक संगठनों के नाम पर दहशत फैला रहे हैं और समाज में नफरत के बीज बो रहे हैं। ऐसे तत्वों को जिलाबदर किया जाये और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत जेल में डाला जाये।

अभिषेक ज्योतिषी हत्याकांड के आरोपियों को मिले फांसी 

मेरा आपसे अनुरोध है कि ’’अभिषेक ज्योतिषी हत्याकांड’’ में लापरवाही बरतने वाले सभी पुलिस कर्मियों को थाने से हटाकर कार्रवाई की जाये और हत्या कर समाज में आतंक फैलाने वाले हत्यारों का प्रकरण विशेष अदालत में चलाया जाये। शीघ्र हत्यारों को फांसी की सजा दिलाई जाये।

सादर,

आपका

(दिग्विजय सिंह)

 

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