पुलिस-नक्सली मुठभेड़ को सोनी सोढ़ी ने फर्जी बताते हुए की न्यायिक जांच की मांग, नहीं तो ग्रामीणों के साथ करेंगी अनशन

पंकज सिंह भदौरिया,दन्तेवाड़ा. सुकमा जिले के गोलेगुड़ा में 2 फरवरी को हुए पुलिस नक्सली मुठभेड़ को सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोढ़ी ने फर्जी बताकर सुकमा एसपी तक की भूमिका मुठभेड़ को लेकर संदिग्ध बता दी. सामाजिक कार्यकर्ता ने प्रेसनोट जारी कर बताया कि मुठभेड़ में नक्सली नहीं ग्रामीणों पर जवानों ने गोलियां बरसाई है.

घटना के दूसरे दिन 3 फरवरी को घटना स्थल पर जाकर सोनी सोढ़ी ने जवानों के द्वारा ग्रामीण महिला सुक्की और देवे को जानबूझकर निशाना बनाने की बात कही. साथ ही सुकमा एसपी के इलाज वाले दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया कि घटना के बाद जवानों ने वर्दी पहनाकर इसे नक्सली घटना बताने की नाकाम कोशिश की थी.

जारी प्रेस नोट पर सोनी सोरी ने बस्तर पर आदिवासी की हत्याएं जवान मेडल और अवार्ड के लिए कर रहे है. समाजिक कार्यकर्ता ने राज्य सरकार से इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की है. अगर जांच 8 दिनों में शुरू नहीं होती है तो वे धरने पर ग्रामीणों के साथ बैठकर अनशन करेगी.

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