जब हत्यारा प्रेमी बना सन्यासी, भागवत प्रवचन करते पुलिस ने दबोचा…

चंद्रकांत देवांगन, दुर्ग। हत्या के 5 साल पुराने मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने हत्या कर सन्यासी बन चुके आरोपी को इलाहाबाद से गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किये गए आरोपी का नाम सुशील दुबे है. मामला 18 अक्टूबर 2013 का है. भिलाई के रामनगर में एक युवती का शव सड़ी गली अवस्था में बरामद हुआ था. मृत युवती की शिनाख्त रीता साहू, कोरिया जिला बैकुंठपुर के रुप में हुई थी.

मामले की जांच और पूछताछ में खुलासा हुआ था कि आरोपी का रीता साहू के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रामनगर में एक मकान लेकर रहता था. पहले से शादी शुदा सुशील प्रेमिका के चरित्र को लेकर संदेह किया करता था. घटना दिनांक को दोनों प्रेमी-प्रेमिका ने साथ बैठकर शराब पी और फिर दोनों में इसी बात को लेकर विवाद शुरु हो गया. नशे और चरित्र हीनता के संदेह में अंधे हुए प्रेमी ने  प्रेमिका का बाल पकड़कर उसका सिर लगातार दीवार पर मारता रहा जब तक उसका शरीर वहीं निढाल नहीं हो गया. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो कर इलाहाबाद चले गया. इलाहाबाद में वह साधुओं के साथ रहने लगा और उनकी सेवा करने लगा. साधु-सन्यासी का वेश बनाकर उनके साथ आरोपी हरिद्वार, ऋशिकेश, दिल्ली, मथुरा सहित देश भर में भ्रमण करने लगा. इसी दौरान वह भागवताचार्य भी बन बैठा और अलग-अलग जगहों में जाकर भागवत करने और कराने का कार्य करने लगा.

ऐसे पकड़ाया

आरोपी इलाहाबाद में साधुओं के साथ रह रहा था इसकी जानकारी पुलिस को मिली लेकिन कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिल पा रहा था. 3-4 महीने पहले एसपी संजीव शुक्ला ने पुराने मामलों की समीक्षा की और जब यह बात निकल कर सामने आई कि आरोपी के इलाहाबाद में साधुओं के बीच हो सकता है. तब एसपी के निर्देश पर थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह कंवर ने आरोपी की फोटो का साधु के वेश में स्कैच और फोटो तैयार करवाया. प्रभारी राजेन्द्र सिंह और आरक्षक गगन सिंह इलाहाबाद पहुंचकर साधुओं को आरोपी की साधुवेश में तैयार की गई फोटो को दिखाया तो उन्होंने भी उसे देखे जाने की पुष्टि की. हालांकि पुलिस के हाथ उस वक्त सफलता नहीं लगी. उधर आरोपी के परिजनों का फोन पुलिस ने सर्विलांस में डाल रखा था. जिसमें फोन काल को पता करने पर एक नंबर हनुमानदास जी महाराज के नाम पर मिला. नंबर की पतासाजी करने पर जो डाक्यूमेंट उसने सिम खरीदने के लिए दिये थे उसकी फोटो पुलिस द्वारा तैयार करवाई गई फोटो से मिलती जुलती पाई गई. जिसके बाद पुलिस टीम फिर इलाहाबाद रवाना हुई वहां आरोपी की पत्नी शर्मिला दुबे पुलिस को मिली. जिससे पुलिस का शक पुख्ता हो गया. कॉल डिटेल निकलवाने पर आरोपी का लोकेशन छतरपुर में मिला जहां पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जिस दौरान पुलिस ने रेड डाली उस दौरान आरोपी प्रवचन करते मिला.

थाना प्रभारी और आरक्षक को पुरस्कार देने की घोषणा

5 साल पुराने इस अनसुलझे मामले को सुलझाने के लिए पुलिस ने आरोपी के ऊपर 5 हजार का ईनाम रखा था. एसपी संजीव शुक्ला ने थाना प्रभारी राजेन्द्र सिंह कंवर और आरक्षक गगन सिंह के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें यह इनाम देने की घोषणा की है.

जब प्रेमिका के नाम को सीता-राम कर दिया

आरोपी ने प्रेमिका रीता साहू का नाम अपने बाएं हाथ में गुदवाया था. हत्या के बाद जब वह साधुओं की टोली के साथ रहने लगा तो एक दिन साधुओं की नजर उसके हाथ पर पड़ी तो उन्होंने इस पर आपत्ति की कि साधुओं का महिलाओं से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं होता तो वह किसी महिला का नाम हाथ पर कैसे लिखवा कर रखा है. तब उसने काटकर रीता को सीता राम कर दिया.

ऐसे हुई थी मुलाकात

आरोपी पेशे से टैक्सी ड्रायवर था, टैक्सी चलाने के दौरान एक दिन कुम्हारी में रीता से उसकी मुलाकात हुई. रीता उससे लिफ्ट मांगी थी. जिसके बाद दोनों का मेल-जोल शुरु हो गया और दोनों की मुलाकात प्रेम का रुप ले लिया. दोनों के बीच संबंध बने और एक दिन प्रेमिका ने उसे साथ में रहने के लिए कहा. जिसके बाद दोनों राम नगर में किराये का मकान लेकर रहने लगे.

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