वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी की किताब ‘लाल गलियारों से’ का हुआ विमोचन, माओवादियों और पुलिसवालों के बीच पिसती आदिवासियों की जिंदगी सच्चाई बयां करती है किताब

रायपुर। वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सोनी की किताब लाल गलियारों से का विमोचन शुक्रवार की शाम प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार सहित अन्य अतिथियों ने किया. इस विमोचन में हिमांशु कुमार के साथ पत्रकार कमल शुक्ला, इलाहाबाद से आए प्रोफेसर और सोनी सोरी ने अपने विचार रखे. सभी इस बात को बड़े जोर देकर कहा कि कॉरपोरेट फायदा के लिए आदिवासियों की जिंदगी को सिर्फ नर्क बनाने का काम सरकारें करती रही हैं. आदिवासी आज भी माओवादी और पुलिस वालों की बीच पिस रहे हैं.

इस मौके पर सोनी सोरी, हिमांशु कुमार, कमल शुक्ला और किताब के लेखक राजकुमार सोनी ने शासन और प्रशासन से मिली प्रताड़ना, माओवादियों से मिली यातनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि वहां हर किसी के लिए काम करना एक बड़ी चुनौती है. फिर चाहे पत्रकार हो या सामाजिक कार्यकर्ता या मानवाधिकार कार्यकर्ता.

राजकुमार सोनी कहते हैं उनकी किताब लाल गलियारे से 20 साल की रिपोर्टिंग का दस्तावेजीकरण है. बस्तर से लेकर नेपाल तक मैंने जिस रेड कॉरीडोर में पत्रकारिता की है, जो रिपोर्टिंग की है वो इस किताब में मौजूद है. मैंने इस किताब के जरिए, पत्रकारिता के जरिए बस्तर के असल सच को बताने, दिखाने की कोशिश की है.

आपको बता दे कि विमोचन समारोह में मंत्री शिव डहरिया, पूर्व आईएएस सुशील त्रिवेदी, पूर्व डीजी राजीव श्रीवास्तव सहित राजनीतिक, शिक्षा, साहित्य, समाज, और पत्रकार जगत के कई प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहें.

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