हसदेव अरण्य क्षेत्र के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का किया ऐलान, कहा- जब सरकारें हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं करेगी तो मतदान करके क्या फायदा

रायपुर। हसदेव अरण्य क्षेत्र के परसा केते कोल ब्लॉक के आबंटन के विरोध में सरगुजा जिले प्रभावित गांवों फत्तेपुर और हरिहरपुर के ग्रामीणों ने चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. ग्रामीणों ने सरगुजा कलेक्टर औऱ जिला निर्वाचन अधिकारी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा, “जब सरकारें हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं करेगी तो ऐसी सरकार के गठन में हमें मतदान करके क्या फायदा, इसलिये हम इस लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करना चाहते हैं.” इसके साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर भूमि अधिग्रहण और खनन परियोजना को रद्द करने और फर्जी ग्रामसभा करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने इसकी प्रतिलिपि सीएम भूपेश बघेल और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम उसेंडी को भी भेजा है.

ये लिखा है ज्ञापन में

विनम्र निवेदन है कि हमारे ग्राम हसदेव अरण्या क्षेत्र के घने जंगलों में रिथत है जो कि संविधान की पांचवी अनुसूची में शामिल है. हमारे ग्राम की आजिविका पूर्ण रूप से जल, जंगल और जमीन पर निर्भर है. इसे बचाने एवं परसा कोयला खदान के आंवटन का विरोध हमारी ग्राम सभा के द्वारा किया गया है. केन्द्र और राज्य सरकार को पूर्व में इसके विषय से अवगत कराया गया हैं परंतु हमारे विरोध को दरकिनार कर केन्द्र की मोदी सरकार ने परसा कोयला खदान का आबंटन राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को कर दिया है. इस परियोजना को चालू करने शासन-प्रशासन स्वयं गैरकानूनी कार्य कर रहा है. जैसे फर्जी ग्राम सभा प्रस्ताव पास करके पर्यावरणीय स्वीकृति हासिल की गई और फर्जी प्रस्ताव कराने वाले कर्मचारियों और अदानी कंपनी पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई. पांचवी अनुसूची के प्रावधानों का उल्लंघन कर बिना ग्रामसभा के सहमति के भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. वन अधिकार मान्यता कानून का उल्लंघन कर वन भूमि का डायवर्सन किया गया, जबकि हमारी ग्राम सभा ने कभी भी वन भूमि के डायवर्सन हेतु सहमति प्रदान नहीं की. हमारे संवैधानिक प्रावधानों और पेसा कानून, वनाधिकार मान्यता कानून का उल्लंघन कर अडाणी कंपनी के लिये शासन प्रशासन कार्य कर रहा है. जिसकी जानकारी हमने केन्द्र और राज्य सरकार दोनों को दी है. जब सरकारें हमारे संवैधानिक अधिकारों की रक्षा नहीं करेगी तो ऐसी सरकार के गठन में हमें मतदान करके क्या फायदा, इसलिये हम इस लोकसभा चुनाव में मतदान नहीं करना चाहते हैं. 

अतः श्रीमान जिला निर्वाचन अधिकारी जी से अपील है वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और फर्जी ग्रामसभा करवाने वाले के ऊपर कार्यवाही हो तथा गैर कानूनी भूमि अधिग्रहण रद्द किया जाये एवं हसदेव को बचाने इस खनन परियोजना को ही रद्द किया जाये.

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