गुलशन कुमार, नारनौल। हरियाणा के नारनौल में नांगल चौधरी के पूर्व विधायक डॉक्टर अभय सिंह यादव (Former MLA of Nangal Chaudhary, Dr. Abhay Singh Yadav) ने एक बड़े सरकारी प्रोजेक्ट (Government project) को लेकर चल रहे विवादों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने माल ढुलाई और व्यापारिक केंद्रों को जोड़ने वाले इस बड़े केंद्र यानी लॉजिस्टिक हब (Logistics Hub) के लिए खरीदी गई जमीन में किसी भी तरह के घोटाले के आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक (Former legislator) ने साफ कहा कि इस पूरी परियोजना में जमीन की खरीद सरकार के तय नियमों और मापदंडों के अनुसार ही की गई है और इसमें रत्ती भर भी गड़बड़ी नहीं हुई है।

किसानों की सहमति से सीधे खरीदी गई जमीन, कुछ लोग जानबूझकर फैला रहे हैं भ्रम

पूर्व विधायक ने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते इस बेहद महत्वपूर्ण सरकारी योजना को लेकर जनता के बीच भ्रम और अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन के अधिग्रहण यानी सरकारी कब्जे की प्रक्रिया के दौरान सरकार ने बिचौलियों को हटाकर सीधे किसानों से जमीन खरीदने का फैसला लिया था। इसके लिए अधिकारियों ने खुद किसानों से बात की थी और ज्यादातर किसान अपनी जमीन देने के लिए राजी हो गए थे। उन्होंने सभी सरकारी रिकॉर्ड (goverment record) और तथ्यों को सामने रखते हुए स्थिति साफ की है ताकि जनता के सामने सच आ सके।

लंबा खिंचने से प्रोजेक्ट के काम में हो रही देरी, बाकी जमीन का मामला कोर्ट में अटका

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की मौजूदा स्थिति के बारे में बताते हुए डॉक्टर अभय सिंह यादव (Dr. Abhay Singh Yadav) ने कहा कि इस हब के लिए कुल 1205 एकड़ जमीन की जरूरत तय की गई थी। इसमें से लगभग 1050 एकड़ जमीन सरकार के पास आ चुकी है और उस पर काम शुरू हो चुका है। बाकी बची हुई थोड़ी सी जमीन को लेकर मामला अभी अदालत में चल रहा है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह सरकारी प्रोजेक्ट (goverment project) लंबे समय से विवादों में फंसा हुआ है, जिसकी वजह से इलाके के विकास की रफ्तार धीमी हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सभी कानूनी अड़चनें जल्द ही दूर हो जाएंगी।