चंडीगढ़। सुप्रीम कोर्ट ने शंभू बॉर्डर समेत नेशनल हाईवे के सभी मार्गों को खोलने के लिए लगाई जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। इस याचिका के खारिज होने से किसानों को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगने से किसानों को उनका रास्ता साफ होने की उम्मीद थी, लेकिन अब वह भी खत्म हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई इस याचिका में पंजाब के राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर (जहां किसान प्रदर्शन कर रहे हैं) अवरोधों को तत्काल हटाने और आम जनता के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करने की बात कही गई थी , लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसमें सुनवाई से ही इनकार कर दिया है।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा कि मामला पहले से ही अदालत के समक्ष लंबित है और वह एक ही मुद्दे पर बार-बार याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकती। पीठ ने याचिकाकर्ता गौरव लूथरा से कहा कि हम पहले से ही बड़े मुद्दे की जांच कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा आप समाज के विवेक के रक्षक नहीं हैं। बार-बार याचिकाएं दायर न करें। कुछ लोग प्रचार के लिए और कुछ लोग दर्शकों को आकर्षित करने के लिए याचिकाएं दायर कर रहे हैं। हम एक ही मुद्दे पर बार-बार याचिकाओं पर विचार नहीं कर सकते।
- छत्तीसगढ में 5000 पदों पर होगी शिक्षक भर्ती, स्कूल शिक्षा विभाग जल्द जारी करेगा विज्ञापन
- हत्या या फिर… एक ही घर से मिला दो लोगों का शव, छानबीन में जुटी पुलिस
- महानाट्य ‘जाणता राजा’ का मंचन : सीएम साय ने कहा – छत्रपति शिवाजी महाराज का आदर्श जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
- 17 वर्षीय छात्रा ने किया सुसाइड: फांसी लगाकर दी जान, परिवार ने परेशान करने वाले मुस्लिम युवक पर लगाए गंभीर आरोप
- उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल का सहमति पत्र वायरल, मरीज के बेटे ने हस्ताक्षर के लिए दबाव बनाने का लगाया आरोप, सरकार से लगाई गुहार


