शरद पाठक, छिंदवाड़ा। जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप कांड में परासिया के दो अन्य डॉक्टरों को आज एसआईटी ने कोर्ट में पेश कर जेल पहुंचाया। दो चिकित्सक डॉ. एसएस ठाकुर और डॉ. अमन सिद्दीकी से एसआईटी एसडीओपी कार्यालय में पूछताछ कर दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में पेश किया। पीडितों के परिजनों ने इन दोनों पर कार्रवाई की मांग की थी। बता दें कि दोनों के पर्चे में लिखी कोल्ड्रिफ सिरप से बच्चों की मौत हुई थी। हालांकि, एसटीएफ ने अभी तक कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी है।
25 बच्चों की हुई थी मौत
परासिया में काल्ड्रिफ सिरप से 25 बच्चों की मौत हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चों की किडनी खराब होने और मौत का कारण सिरप में मिले घातक साल्वेंट डाई एथिलीन ग्लाइकोल डीईजी को माना गया है। एसआईटी ने अन्य दो चिकित्सकों की भूमिका की जांच के लिए मेडिकल विशेषज्ञों की समिति की रिपोर्ट मांगी थी। इस रिपोर्ट के आने के बाद मामले में आरोपियों की संख्या 11 हो गई।
अब तक 11 आरोपी
बीते पांच महीनों से कोल्ड्रिफ सिरप कांड देश भर की सुर्खियां बना हुआ है। एसआईटी ने इस मामले में नौ आरोपी बनाए थे। अब इस मामले में 11 आरोपी होंगे। लंबे समय से नौ आरोपी जेल में है जिसमें आईएमए परासिया के अध्यक्ष डॉ. ठाकुर भी शामिल हैं।
इंडस्ट्रियल बेस साल्वेंट बना था मौत का कारण
गौरतलब है कि डीईजी एक साल्वेंट है। कोल्ड्रिफ सिरप में इंडस्ट्रियल बेस साल्वेंट तय मात्रा से ज्यादा मिला था जो मौत का कारण बना। खास बात तो यह कि जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप को तमिलनाडु और मध्यप्रदेश के ड्रग कंट्रोलर की जांच के बाद बाजार में बेचने के लिए एप्रूव्ड किया गया था। दोनों राज्यों के ड्रग कंट्रोलर की अब तक जिम्मेदारी तय नहीं हुई है।
ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर नहीं बनाए गए आरोपी
मध्यप्रदेश में ड्रग कंट्रोलर और ड्रग इंस्पेक्टर पर कार्रवाई तो की गई है लेकिन एसआईटी ने इन्हें अभी तक आरोपी नहीं बनाया है। दवा व्यापारियों ने इसे बेचा और डॉक्टर ने इसे लिखा था।
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