राजधानी दिल्ली में जल्द ही 137 और मोहल्ला क्लीनिक(Mohalla Clinic) स्थायी रूप से बंद किए जाएंगे। इस संबंध में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के मोहल्ला क्लीनिक सेल ने गुरुवार को सभी जिलों के मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों (CDMO) को निर्देश जारी कर दिए हैं। इन 137 मोहल्ला क्लीनिकों के बंद होने के बाद राजधानी में अब गिनती के ही मोहल्ला क्लीनिक शेष रह जाएंगे। एक समय दिल्ली में 540 से अधिक मोहल्ला क्लीनिक संचालित थे, लेकिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों(Ayushman Arogya Mandir) के विकास और विस्तार के साथ ही मोहल्ला क्लीनिकों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है।

पिछले महीने 95 किए गए थे बंद

गौरतलब है कि इससे पहले पिछले महीने भी दिल्ली सरकार ने 95 मोहल्ला क्लीनिक बंद करने के आदेश दिए थे। बंद किए जा रहे सभी मोहल्ला क्लीनिक पूर्व की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल में स्थापित किए गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल इन मोहल्ला क्लीनिकों को अपनी सरकार का प्रमुख ‘गुड वर्क’ बताकर जनता के बीच पेश करते थे। वहीं, दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दावा है कि केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिकों के माध्यम से पिछले 10 सालों में वित्तीय गड़बड़ियों और घोटाले किए।

राजधानी दिल्ली में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच सियासत गरमा गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आरोप लगाते हुए कहा कि पूर्व की आप सरकार ने दिल्ली को विकास से वंचित रखा। सचदेवा ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे विभिन्न राज्य सरकारों के साथ ही सभी नगर निगम और पंचायतों तक लागू किया जा रहा है। उनका कहना था कि इस योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक और व्यवस्थित वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है, जबकि पूर्व की आप सरकार ने इसे पर्याप्त रूप से लागू नहीं किया।

AAP की तरफ से इस आरोप पर प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले ही मोहल्ला क्लीनिकों और स्वास्थ्य योजनाओं को अपनी सरकार का ‘गुड वर्क’ बताकर जनता के बीच पेश कर चुके हैं।

दिल्ली के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा देना हमारा लक्ष्य : रेखा गुप्ता

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मकर संक्रांति के अवसर पर राजधानी में 81 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राजधानीवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब राजधानी में आरोग्य मंदिरों की कुल संख्या बढ़कर 319 हो गई है और ये जनता के लिए समर्पित किए जा चुके हैं। रेखा गुप्ता ने कहा, “इन आरोग्य मंदिरों के माध्यम से हम दिल्ली के प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक सुविधाजनक और भरोसेमंद प्लेटफॉर्म प्रदान कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में दी गई सुविधाओं से ये पूरी तरह से एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इससे बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा और लोगों को रोजमर्रा की चिकित्सा जरूरतें उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध होंगी।

सीएम ने बताया कि इन आरोग्य मंदिरों में करीब 80 तरह की जांचों की व्यवस्था है, साथ ही हर तरह की देखभाल की सुविधा भी उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में 1100 आरोग्य मंदिर बनाने का लक्ष्य रखा गया है और सरकार लगातार इस दिशा में काम कर रही है। रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि आरोग्य मंदिरों के माध्यम से दिल्ली की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सीधे उनके नजदीक मिल सकें।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सिर्फ 11 महीनों में राजधानी में 319 आधुनिक और नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि यह उनके प्रशासन की स्पीड और स्केल दोनों का स्पष्ट प्रमाण है। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार मिशन मोड में काम कर रही है ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक तक पहुँचें। उनका कहना था कि इस प्रयास के माध्यम से दिल्ली सशक्त स्वास्थ्य राजधानी के रूप में आगे बढ़ेगी और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।

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