सत्या राजपूत, रायपुर. NHM कर्मचारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज 13वां दिन रहा, जहां कर्मचारियों ने अनोखा प्रदर्शन किया. सत्तपक्ष के मंत्री, नेता सांकेतिक रूप से धरना स्थल पहुंचे थे, इस दौरान अनिश्चितकालीन धरना में बैठे एनएचएम कर्मचारी जसगीत पर झूमने लगे. ‘पथरा के देवता बोलत नई हे ओ, सुनत नई हे ओ’ जसगीत गाते हुए उनके वादों को याद दिलाया.

बता दें कि 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के 16,000 एनएचएम कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. काम में लौटने, नहीं लौटने पर बर्खास्त करने की नोटिस मिलने के बाद इन कर्मचारियों का आंदोलन उग्र हो गया है. धरना स्थल कर्मचारी जसगीत, लोकगीत गाने लगे और झूमने लगे. ‘पथरा के देवता बोलत नई हे, सुनत नई ओ’ जसगीत पर जमकर झूमने लगे. इस गाने का मतलब, पत्थर के देवता न बोलते हैं न सुनते हैं, ठीक वैसे ही सरकार वादे तो किए थे, लेकिन निभाए नहीं जा रहे. गाने से पुराने वादों की याद दिलाई गई और मन में आक्रोश था, लेकिन सब हंसते-गाते आंदोलन को जोश दिया.
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताल पर बैठे एनएचएम कर्मचारियों को नोटिस जारी कर काम पर नहीं लौटने पर बर्खास्तगी का नोटिस थमा दिया है. इस नोटिस के बाद आंदोलन और उग्र हो गया है. कर्मचारी चिल्ला रहे हैं, हम 20 साल से स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हैं, कोरोना में जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की अब बर्खास्तगी की धमकी दी जा रही है.
हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था ठप, इलाम के लिए भटक रहे मरीज
प्रदेशभर के 16,000 एनएचएम कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण, डिलीवरी, इमरजेंसी सर्विसेज सब ठप पड़े हैं. मरीज भटक रहे हैं, निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं. कर्मचारी नेता डॉ. अमित मिरी ने कहा, सरकार मोदी की गारंटी की बात करती है, लेकिन हमारी गारंटी कहां है? 29 अगस्त से ‘मोदी की गारंटी खोज अभियान’ शुरू किया, 2 लाख पंपलेट बांटें. ये आंदोलन और तेज होने वाला है. सरकार कब सुनेगी, ये तो वक्त बताएगा, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा रही है, जल्दी कोई हल निकले तो अच्छा है.
ये है मांगें ?
नियमितीकरण, 27% वेतन बढ़ोतरी, ग्रेड पे तय करना, कैशलेस मेडिकल बीमा जैसी बुनियादी चीजें – जो सरकार ने वादा तो किया, लेकिन पूरा नहीं हुआ है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पांच मांगों पर सहमति बन गई है, उनकी मांग मान ली गई है.
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