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दिल्ली जू को मिली ‘महागौरी, शैलजा, अदिति और सिद्धि’, आप भी जानिए कौन हैं ये ?

नवरात्र में वन्यजीवों को मिला नया ठिकाना, स्वागत के साथ पाया नया नाम

नई दिल्ली। नवरात्र में दिल्ली चिड़ियाघर को ‘महागौरी’, ‘शैलजा’, ‘अदिति’ और ‘सिद्धि’ मिल गई है. वहीं, महेश्वर ने भी जू को अपना आशियाना बना लिया है. महाराष्ट्र के नागपुर और गुजरात के केवड़िया एवं सक्करबग से दिल्ली पहुंचे मेहमानों का केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने स्वागत किया, साथ ही इन्हें नया नाम भी दिया गया. चिड़ियाघर पहुंचने वाले दर्शक अब इनका दीदार कर सकेंगे.

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दरअसल, एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत महाराष्ट्र और गुजरात के चिड़ियाघरों से 5 वन्यजीवों को बीते दिनों दिल्ली चिड़ियाघर लाया गया था. इनमें दो मादा सिंह और दो बाघिन हैं. वहीं, एक नर सिंह है. शुक्रवार को केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने पांचों वन्यजीवों का नामकरण किया. नवरात्र के मौके पर हुए आयोजन में इन्हें देवियों का नाम दिया गया. बाघिन का नाम अदिति और सिद्धि दिया गया है. इन्हें महाराष्ट्र के चांदपुर जिले की ब्रह्मपुरी वन मंडल से रेस्क्यू कर नागपुर चिड़ियाघर लाया गया था. फिर यह बीते दिनों दिल्ली लाई गईं. दूसरी तरफ केवड़िया के चिड़ियाघर से दिल्ली पहुंची मादा सिंह का नाम महागौरी और शैलजा रखा गया है.

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वहीं, सक्करबग से लाए गए नर सिंह का नाम महेश्वर रखा गया है. अधिकारियों का कहना है कि दोनों बाघिन की उम्र करीब 4 साल है. वहीं महेश्वर, महागौरी और शैलजा की उम्र करीब 15 महीने है. इन वन्यजीवों के बदले में दिल्ली चिड़ियाघर से दरियाई घोड़े के जोड़े को भेजे जाने का प्रस्ताव है.

 

बाघों की संख्या हुई 4, शेर की 5

 

नए मेहमानों के आने के बाद दिल्ली चिड़ियाघर में अब रॉयल बंगाल टाइगर की संख्या 4 हो गई है. इसमें करण (8 साल), बरखा (6 साल) पहले से ही यहां मौजूद थे, जिनके बाद दो और बाघिन पहुंच गई हैं. वहीं यहां कुल शेर की संख्या 5 हो गई है, जिसमें पहले से मौजूद सुंदरम (12 साल) और हेमा (7 साल) और महेश्वर, शैलजा और महागौरी नए पहुंचे हैं.

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इसके अलावा यहां सफेद बाघ की संख्या 5 है. इसमें 3 नर और 2 मादा बाघिन हैं. गौरतलब है कि पिछले साल यहां सिंह प्रजाति में अमन और अकीला की मौत हो गई थी. वहीं सुंदरम को भी लकवा मार गया था.

 

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