नई दिल्ली/भुवनेश्वर : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश में वीरता और सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि 1,090 पुलिस, अग्निशमन, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवा कर्मियों को वीरता और सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। ये पुरस्कार उन लोगों को दिए जाएंगे जिन्होंने देश की सेवा में वीरता और समर्पण दिखाया है।
ओडिशा के दो लोगों को राष्ट्रपति पदक और नौ लोगों को वीरता पदक से सम्मानित किया जाएगा। एएसपी रवींद्र पांडा और कमांडेंट नरेश पटेल को राष्ट्रपति पदक मिलेगा। इसी तरह, 11 लोगों को विशिष्ट सेवा पदक मिलेगा।
राज्य के 11 अधिकारियों को सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। सभी अधिकारी सहायक पुलिस महानिरीक्षक महेश्वर सेठी; अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार प्रधान; अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नारायण दाश; पुलिस उपाधीक्षक आशीष कुमार राउत; निरीक्षक ए श्रीनिवास दोरा; पुलिस उपाधीक्षक हेमामलानी नायक, कमांडेंट सूर्यनारायण मल्लिक; निरीक्षक संतोष कुमार मिर्धा; सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सामंत; सहायक उप निरीक्षक अरविंद दास; और कांस्टेबल चिन्मयी राउत।
अग्निशमन सेवा में, ओडिशा के दो कर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसी प्रकार, एक कर्मी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति भवन पदक से सम्मानित किया जाएगा और होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा के तीन कर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया जाएगा। सुधार सेवा में, एक कर्मी को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति भवन पदक से सम्मानित किया जाएगा और दो कर्मियों को सराहनीय सेवा के लिए पदक से सम्मानित किया जाएगा।

ओडिशा के नौ कर्मियों को विराट पुरस्कार प्राप्त होंगे। इनमें एक सब-इंस्पेक्टर, एक कांस्टेबल, दो ओडिशा सहायक पुलिस बल (ओएपीएफ), एक हवलदार और चार कमांडो शामिल हैं। उप-निरीक्षक अमरेश चंद्र नरेंद्र, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार नायक, ओपीएफ अर्जुन मलिक, ओपीएफ युधिष्ठिर मलिक, हवलदार अश्विनी कुमार बाघ, कमांडो दंबरुधर भोई, नवीन कुमार साहू, प्रदीन शेषा और अभिमन्यु माझी को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
गृह मंत्रालय के अनुसार, कुल 233 कर्मियों को वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 226 पुलिसकर्मी, 6 अग्निशमन कर्मी और 1 स्वच्छता एवं नागरिक सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। वीरता पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने जान-माल की रक्षा, अपराध रोकने या अपराधियों को पकड़ने में असाधारण साहस दिखाया हो। इस वर्ष, पुरस्कार पाने वालों में जम्मू-कश्मीर के 152, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 54, पूर्वोत्तर राज्यों के 3 और अन्य क्षेत्रों के 24 कर्मी शामिल हैं।
कुल 99 कर्मियों को राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार सेवा के क्षेत्र में विशेष रूप से विशिष्ट रिकॉर्ड वाले कर्मियों को दिया जाएगा। इनमें 89 पुलिस, 5 अग्निशमन कर्मी, 3 नागरिक सुरक्षा एवं सुरक्षा कर्मी और 2 सुधार सेवा कर्मी शामिल हैं। इन कर्मियों ने समर्पण और पेशेवर उत्कृष्टता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।
इसी प्रकार, 758 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक (एमएसएम) से सम्मानित किया जाएगा। यह पदक कर्तव्य और सेवा के प्रति समर्पण के लिए दिया जाएगा। इसमें 635 पुलिस, 51 अग्निशमन कर्मी, 41 नागरिक सुरक्षा एवं सुरक्षा कर्मी और 31 सुधार सेवा कर्मी शामिल हैं।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और देश के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों के कर्मियों को इस वर्ष विशेष सम्मान दिया गया है। इन क्षेत्रों में सेवा करना बेहद खतरनाक है, क्योंकि यहाँ आतंकवादी हमले, उग्रवादी गतिविधियाँ और सुरक्षा चुनौतियाँ आम हैं।
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