जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बताया कि पूर्वी राजस्थान के दौसा और करौली ज़िलों के किसानों को दो ब्लॉक में दिन के समय सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी. इसके साथ ही, राज्य के 24 ज़िलों में यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. 2024-25 के संशोधित राज्य बजट में यह लक्ष्य तय किया गया था.

भजन लाल शर्मा ने कहा कि राज्य के सभी 50 ज़िलों के किसानों को दिन के समय बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. इससे पहले 22 ज़िलों के कृषि उपभोक्ताओं को दिन के समय दो ब्लॉक में बिजली की आपूर्ति मिल रही थी. जयपुर डिस्कॉम के तहत दौसा और करौली को शामिल किए जाने के बाद, इस योजना के दायरे में आने वाले ज़िलों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है.

मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर डिस्कॉम के तहत आने वाले सात ज़िलों – धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग और भरतपुर – के किसानों को अभी दिन के समय दो ब्लॉक में सिंचाई के लिए बिजली मिल रही है.

इसी तरह अजमेर डिस्कॉम के तहत 12 ज़िले – अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूंबर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झुंझुनू, सीकर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर – इस योजना के दायरे में आते हैं. जोधपुर डिस्कॉम के तहत आने वाले तीन ज़िलों – जालौर, सिरोही और पाली – को भी यह सुविधा मिल रही है.

हाल के वर्षों में बिजली के बुनियादी ढांचे को मज़बूत करने के प्रयासों के तहत, दौसा में 18 और करौली में 6 नए 33 KV ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा, दौसा के 47 सब-स्टेशनों में ट्रांसफ़ॉर्मर की क्षमता को 128.95 MVA और करौली के 15 सब-स्टेशनों में 49.45 MVA तक बढ़ाया गया है.

इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री कुसुम योजना के घटक ‘A’ और ‘C’ के तहत, इन दोनों ज़िलों में कुल 32 MW क्षमता वाले 17 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं.

शर्मा ने कहा कि दौसा में लगभग 52,400 और करौली में 35,300 कृषि उपभोक्ताओं को दिन के समय बिजली की आपूर्ति से लाभ मिलने की उम्मीद है. इस ताज़ा कदम से देर रात के समय सिंचाई की ज़रूरत कम हो जाएगी—खासकर सर्दियों और बारिश के मौसम में—और किसानों को अपने खेतों में जंगली जानवरों से होने वाले खतरों से बचने में मदद मिलेगी.

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