हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज (एमजीएम) से जुड़े नर्सिंग कॉलेज की करीब 300 छात्राओं को हॉस्टल खाली करने के मौखिक आदेश दिए गए हैं। इस फैसले से छात्राओं के सामने पढ़ाई और रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।

प्राचार्य को भी क्वार्टर खाली करने का नोटिस

महाराजा यशवंतराव अस्पताल (एमवायएच) प्रबंधन ने कॉलेज प्राचार्य को भी शासकीय क्वार्टर खाली करने का नोटिस जारी किया है। अस्पताल परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में रह रहे लगभग 20 परिवार भी इस कार्रवाई से प्रभावित होंगे।

नए भवन निर्माण के लिए खाली कराया जा रहा परिसर

जानकारी के मुताबिक, मौजूदा हॉस्टल और क्वार्टर परिसर में नए भवन निर्माण की योजना है। प्रशासन का कहना है कि निर्माण कार्य में वर्तमान आवास बाधा बन रहे हैं, इसलिए परिसर खाली कराया जा रहा है।

बीएससी प्रथम से तृतीय वर्ष तक की छात्राएं प्रभावित

हॉस्टल में बीएससी नर्सिंग प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की छात्राएं रह रही हैं। परीक्षा और क्लिनिकल ट्रेनिंग के बीच अचानक हॉस्टल खाली करने के निर्देश से छात्राएं मानसिक दबाव में हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था नहीं, छात्राओं की चिंता बढ़ी

छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है। उनका कहना है कि वे आर्थिक रूप से इतनी सक्षम नहीं हैं कि बाहर निजी हॉस्टल या किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर सकें।

प्रशासन पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने छात्र कल्याण और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निर्माण कार्य जरूरी हो सकता है, लेकिन बिना वैकल्पिक व्यवस्था के 300 छात्राओं और 20 परिवारों को प्रभावित करना क्या उचित है—यह सवाल अब खुलकर सामने आ रहा है। फिलहाल छात्राएं लिखित आदेश और पुनर्वास व्यवस्था की मांग कर रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो मामला बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है।

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