देहरादून. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के माणा गांव के पास हुए हिमस्खलन की जानकारी लेते हुए राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, आईटी पार्क पहुंचकर अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की और रेस्क्यू अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्च ऑपरेशन तेजी से चलाए जाए. उन्होंने कहा कि जोशीमठ में भी आपदा कंट्रोल रूम की स्थापना की जाए. उन्होंने कहा कि NDRF, SDRF, आईटीबीपी और सेना आपसी सहयोग से बर्फ हटाने का कार्य तेजी से करें.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन श्रमिकों को रेस्क्यू किया गया है उनका विशेष ख्याल रखा जाए. उन्होंने माणा स्थित हेलीपैड को प्राथमिकता से खोले जाने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने जोशीमठ स्थित आर्मी अस्पताल, जिला अस्पताल, एम्स ऋषिकेश तक सभी अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि एम-आई 17 की मदद से घायलों को लिफ्ट करने की भी पूरी तैयारी की जाए. अब तक 33 लोगों को निकाला जा चुका है और अन्य लोगों की खोजबीन जारी है. जिसमें से 4 लोगों को आईटीबीपी सेना अस्पताल में रखा गया है. बी.आर.ओ स्नो कटर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से निरंतर बर्फ हटाने का कार्य कर रही है. शनिवार सुबह एम आई 17 हेलीकॉप्टर भी माणा क्षेत्र को रवाना होंगे.

जरुरत पड़ने पर करें एयर लिफ्ट- सीएम

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घटनास्थल पर आवागमन सुनिश्चित करने को कहा और समीप के हेलीपैड को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई जा सके. उन्होंने ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी और रेस्क्यू अभियान को और प्रभावी बनाने पर ध्यान देने को कहा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर घायलों को एयर एंबुलेंस के माध्यम से एम्स ऋषिकेश लाया जाए. जिला प्रशासन से निरंतर समन्वय बनाए रखने और प्रभावितों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए.

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डीएम से ली विस्तृत जानकारी

मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी से घटना की विस्तृत जानकारी ली. जिलाधिकारी ने बताया कि हिमस्खलन बदरीनाथ धाम से 6 किमी आगे हुआ, जहां सीमा सड़क संगठन के अंतर्गत बर्फ हटाने वाले मजदूर मौजूद थे. तुरंत आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्यों में जुट गईं. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक 33 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि शेष लोगों को बचाने का अभियान जारी है. मुख्यमंत्री ने वर्तमान में प्रदेश मे हो रही भारी वर्षा और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हो रहे हिमपात के दृष्टिगत भी निरन्तर सभी जिलाधिकारियों से समन्वय बनाए रखे जाने के भी निर्देश दिए ताकि किसी भी आपदा की स्थिति का त्वरित ढ़ंग से सामना किया जा सके. किसी भी आपदा के दृष्टिगत रिस्पॉन्स टाइम को कम से कम रखे जाने के भी निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए हैं.