तेलंगाना के खम्मम जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। तेलंगाना पुलिस ने ‘म्यूल’ बैंक खातों के जरिए 547 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का भंडाफोड़ किया है, जो विभिन्न साइबर धोखाधड़ी मामलों से जुड़े हैं। तेलंगाना के खम्मम जिले के पुलिस आयुक्त सुनील दत्त के अनुसार, 2022 से 2025 तक सक्रिय इस संगठित नेटवर्क में शामिल 24 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें से 18 को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि बाकी आरोपी फरार हैं। पकड़े गए संगठित साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क में शामिल थे।
कैसे की ठगी?
पुलिस आयुक्त सुनील दत्त ने बताया कि आरोपियों ने रोजगार, व्यापार के अवसरों और आर्थिक प्रोत्साहनों का लालच देकर कई व्यक्तियों को अपने नाम से बैंक खाते खोलने और संचालित करने के लिए प्रेरित किया। इन खातों के इंटरनेट बैंकिंग क्रेडेंशियल एकत्र किए गए और उनका दुरुपयोग किया गया, जिससे आरोपियों को उन पर नियंत्रण रखने में मदद मिली।
पुलिस ने बताया कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त धन को प्राप्त करने, छिपाने, स्थानांतरित करने और मनी लॉन्ड्रिंग करने के लिए किया जाता था, जो भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत अपराध के दायरे में आता है।
जांच जारी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़े बैंक खातों के विश्लेषण से 547 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला है। साइबर जालसाजों को कमीशन के आधार पर म्यूल खाते उपलब्ध कराए जाते थे और इनका उपयोग विदेशों में धन हस्तांतरण करने, पैसे को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने और निकासी करने के लिए किया जाता था। ये लेने-देन कई राज्यों में दर्ज कई साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े हुए हैं और आगे की जांच जारी है।
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