ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक बड़ी ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे।

भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें। इससे पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट उनके कंट्रोल में है और यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेतुके बयानों से नहीं खुलेगा। यह रास्ता तभी खुलेगा जब उसकी शर्तें मानी जाएंगी।

होर्मुज से जहाजरानी सेवाएं फिर शुरू करना आसान नहीं : स्टार्मर

वहीं, बैठक के बारे में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा, होर्मुज से जहाजरानी सेवाओं को फिर से शुरू करना आसान नहीं होगा और इसके लिए समुद्री उद्योग साझेदारी के अलावा सैन्य शक्ति और राजनयिक गतिविधियों का एक संयुक्त मोर्चा आवश्यक होगा। स्टार्मर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस अपील को स्पष्ट नकार चुके हैं कि ब्रिटेन व यूरोप के अन्य देशों को होर्मुज खुलवाने के लिए सेना का इस्तेमाल करना चाहिए।

जब तक लड़ाई जारी रहेगी, होर्मुज मार्ग अस्थिर रहेगा: चीन

इस बीच, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से आवागमन का मुद्दा ईरान युद्ध का ही परिणाम है और जब तक लड़ाई जारी रहेगी, जलडमरूमध्य स्थिर नहीं रहेगा। वांग यी ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद से फोन पर बातचीत के दौरान ये टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्होंने शीघ्र युद्धविराम का भी आह्वान किया।

ट्रम्प बोले- ईरान पर जीत हासिल की, उनकी सेना हमारे कंट्रोल में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को ईरान जंग में जीत मिली है। साथ ही चेतावनी दी कि अमेरिका 2-3 हफ्ते में ईरान पर बड़ा हमला करेगा। ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान की मिसाइल-ड्रोन क्षमता और नौसेना खत्म हो गई है। सैन्य ताकत काफी कमजोर हो गई है। इस सैन्य अभियान का अहम मकसद पूरा होने वाला है।

ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका, ईरान को स्टोन एज, यानी पाषाण काल में भेज देगा। हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और नई लीडरशिप पहले से कम कट्टर है।

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