चंडीगढ़। वल्टोहा के पूर्व सरपंच झरमाल सिंह की हत्या के मामले को कुछ ही दिनों में सुलझाते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। पुलिस ने इस मामले में कुख्यात गैंगस्टर प्रभ दासूवाल गिरोह पर निर्णायक प्रहार करते हुए 2 शूटरों सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंगस्टर प्रभ दासूवाल इस हत्या का मास्टरमाइंड है, जिसने पुरानी दुश्मनी के चलते इस जघन्य वारदात को अंजाम दिलवाया। इससे यह स्पष्ट होता है कि हत्या पूरी तरह से पूर्व नियोजित और सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। डीजीपी गौरव यादव ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (काउंटर इंटैलीजैस) अमित प्रसाद, पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) डॉ. सुखचैन सिंह गिल और अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर की मौजूदगी में बताया कि यह त्वरित सफलता संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस के मजबूत संकल्प को दर्शाती है।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुखराज सिंह उर्फ गुंगा (20) निवासी ठक्करपुरा तरनतारन, करमजीत सिंह (23) निवासी गांव पासांवाला गुरदासपुर, जोबनप्रीत सिंह (19) निवासी गांव भाई लाधू तरनतारन, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी (27) निवासी गांव बहादुर नगर तरनतारन, जोबनप्रीत सिंह (20), कुलविंदर सिंह उर्फ किंडा (20) और अरमनदीप सिंह (18) ये तीनों गांव कलसियां कलां तरनतारन के निवासी हैं।
डीजीपी ने बताया कि सुखराज सिंह उर्फ गुंगा का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी सरपंच राजविंदर सिंह उर्फ राज की हत्या के मामले में शामिल रहा है। गैंगस्टर प्रभ दासूवाल की मृतक पूर्व सरपंच से पुरानी रंजिश थी और उसने पहले भी उन पर फायरिंग की थी। मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए कई विशेष टीमों का गठन किया गया।

तकनीकी निगरानी और सटीक मानवीय खुफिया सूचना से मिली मदद
डीजीपी ने कहा तकनीकी निगरानी और सटीक मानवीय खुफिया सूचना के संयोजन से पुलिस टीमों ने दोनों शूटरों सुखराज सिंह उर्फ गुंगा और करमजीत सिंह की पहचान की। उन्होंने बताया कि अंतर्राज्यीय समन्वय, खुफिया आधारित ट्रैकिंग और केंद्रीय एजेंसियों तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के सहयोग से दोनों शूटरों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से गिरफ्तार किया गया। आरोपी महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पंजाब और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में लगातार ठिकाने बदल रहे थे और पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे।
डीजीपी ने बताया कि एक अन्य पुलिस टीम ने एसएसओसी मोहाली की मदद से मोहाली से जोबनप्रीत सिंह नाम के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को वल्टोहा से, जबकि कुलविंदर सिंह उर्फ किंडा और अरमनदीप सिंह को तरनतारन के भिखीविंड क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। इन पांचों आरोपियों ने शूटरों को लॉजिस्टिक सहायता, ठहरने की जगह, हथियार और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराकर साजिश में अहम भूमिका निभाई।
डीजीपी ने बताया कि शूटरों और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले आरोपियों की आपस में पहचान नहीं थी और वे केवल प्रभदासूवाल के निर्देशों पर काम कर रहे थे। डीजीपी ने कहा कि ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान की सफलता के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार संगठित अपराध के खिलाफ एक निर्णायक अभियान शुरू करने जा रही है, जिसमें विदेशों में बैठे अपराधियों के प्रत्यर्पण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने दोहराया, जो कोई भी पंजाब में हिंसा या फायरिंग की वारदातों में शामिल है, पंजाब पुलिस उसे देश के भीतर या बाहर, किसी भी कोने से पकड़कर कानून के सामने पेश करेगी।
- चंद सेकंड की देरी और चली जाती जान… बच्चे को कार में छोड़कर शॉपिंग कर रहे थे माता-पिता, इधर आफत मे पड़ा डेढ़ साल का मासूम
- योगी सरकार की पहल से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनेगा देश का सबसे ‘ग्रीन’ एयरपोर्ट, नेट-जीरो कॉन्सेप्ट पर किया जा रहा विकसित
- नालंदा: मासूम को मिली पिता के अफेयर की सजा, कथित प्रेमिका ने बच्चे की हत्या कर शव को फेंका, 3 दिन पहले दी थी धमकी
- हाईटेक सुविधा, स्मार्ट क्लास… मिसाल बना ये कन्या छात्रावास, मिलती हैं ये खास सुविधाएं
- रांची में लापता अंश और अंशिका का सुराग नहीं, पुलिस ने रखा 2 लाख का इनाम; जमशेदपुर में 14 घंटे में बरामद हुआ मासूम

