लखनऊ. राजाधानी में बुधवार को 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन समापन समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी सामिल हुए. उन्होंने कहा कि देश के अंदर रूप-रंग, वेशभूषा एवं खान-पान अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन पूरा भारत एक भाव-भंगिमा के साथ बोलता है और उसकी एक आस्था होती है, उस आस्था को जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम हमारी संसद है.

इस समापन समारोह में लोक सभा के अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह उपस्थित थे. तीन दिवसीय सम्मेलन में उपस्थित रहे सभी गणमान्य अतिथियों का सीएम योगी ने हार्दिक अभिनंदन किया और आभार जताया.

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अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था के रूप में भारत की संसद है. उसके प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव हर भारतवासी का दायित्व बनता है. योगी ने आगे कहा कि लोकतंत्र की आधारभूत इकाई हमारी विधायिका है. संविधान के तीन शब्द न्याय, समता और बंधुता… भारत के लोकतंत्र की आत्मा के रूप में काम करते हैं.

सीएम ने आगे कहा कि यहां ई-विधान के रूप में उत्तर प्रदेश विधान सभा और विधान परिषद दोनों ने इसे अपनाया है. आज यह व्यवस्था केवल पेपरलेस विधानसभा तक सीमित नहीं है, अब यूपी में पेपरलेस कैबिनेट भी है और पेपरलेस बजट भी है. जो भी विधान सभा या विधान परिषद केवल संसद के नियमों और परिनियमों का एक बार अवलोकन कर ले और उनका प्रशिक्षण प्राप्त कर ले, उसे अपनी विधानसभा को संचालित करने में कोई कठिनाई नहीं होगी. यह हमारा सौभाग्य है कि हमारे देश में लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था अत्यंत सशक्त है. यह दुनिया के लिए एक नई प्रेरणा है. अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज भी उसके जनप्रतिनिधि के माध्यम से देश के सर्वोच्च सदन तक पहुंचाई जा सकती है.