राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश के 87 बंदियों को 26 जनवरी यानि गणतंत्र दिवस पर आजादी मिलेगी। जेल में रहते हुए उनके अच्छे आचरण को देख कर उन्हें रिहा करने का फैसला लिए गया है। इसे लेकर जेल विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया है। 

481 कैदियों पर किया था मंथन

जेल विभाग ने 481 कैदियों पर मंथन किया था, लेकिन 394 बंदी समय से पहले रिहा के प्रावधानों पर अपात्र पाए गए। जिसके बाद सिर्फ 87 को जेल से छोड़ने पर मुहर लगी। जेल विभाग ने सभी कैदियों के नामों की लिस्ट भी जारी की है। 

ये हैं शर्तें:

1. ऐसे बंदी जिनकी सजा के विरुद्ध अपील माननीय उच्च या सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है, उन्हें लंबित अपील का निराकरण 26 जनवरी तक हो जाने की स्थिति में ही रिहाई की पात्रता होगी।
2. ऐसे बंदी जिन्हें आजीवन कारावास की सजा के साथ जुर्माने की भी सजा दी गई है और वे 26 तारीख तक राशि जमा नहीं करते हैं तो उन्हें गणतंत्र दिवस तक आजीवन कारावास की सजा में रिहा किया जाकर जुर्माने की एवज की सजा भुगताए जाने के लिए रोका जाए।

3. ऐसे बंदी जिन्हें आजीवन कारावास की सजा के अलावा दूसरे प्रकरण की सजा भुगताई जाना बाकी है, उन्हें आजीवन कारावास की सजा में रिहा किया जाकर शेष सजा भुगताए जाने के लिए रोका जाए।
4. ऐसे बंदी जिनके अन्य प्रकरण लंबित है और उनमें वे जमानत पर नहीं है, तो उन्हें आजीवन कारावास की सजा में रिहा किया जाकर, विचाराधीन बंदी के रूप में रोका जाए।
5. ऐसे बंदी जिन्हें मध्यप्रदेश राज्य की आजीवन कारावास की सजा के अलावा अन्य राज्य के न्यायालय द्वारा दण्डादिष्ट किया गया है अथवा जिनके प्रकरण अन्य राज्य के न्यायालय में लंबित है, उन्हें आजीवन कारावास की सजा में रिहा किया जाकर, संबंधित राज्य की जेल में लंबित है, उन्हें आजीवन कारावास की सजा में रिहा किया जाकर, संबंधित राज्य की जेल में भेजा जाए।

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