Business Desk – 8th Pay Commission : केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 13 अप्रैल एक महत्वपूर्ण दिन साबित हो सकता है. विशेष रूप से नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी की एक अहम बैठक 13 अप्रैल को होनी तय है. इस बैठक के दौरान, 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा. इस सत्र के दौरान फिटमेंट फैक्टर, विभिन्न भत्तों और वेतन संरचनाओं से संबंधित चर्चा होने की उम्मीद है.

कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
इस बैठक को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े सभी प्रमुख मुद्दों को एक साथ समेटेगी, और उन्हें सामूहिक रूप से आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगी. इससे पहले, 12 मार्च को एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें इन प्रस्तावों पर प्रारंभिक चर्चा हुई थी.
कर्मचारी संगठनों ने आयोग को अनेक सुझाव सौंपे हैं. हाल ही में, NC-JCM के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने आयोग को एक पत्र लिखकर नौ अतिरिक्त मुद्दों को शामिल करने का अनुरोध किया था. इससे पूर्व, आयोग ने 18 प्रश्नों की एक सूची जारी की थी, जिसमें सभी हितधारकों से सुझाव और राय मांगी गई थी.
आयोग 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगा
सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन पहले ही कर दिया है, और इसके संदर्भ की शर्तें (Terms of Reference) भी निर्धारित कर दी गई हैं. आयोग को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने के लिए 18 महीनों की अवधि आवंटित की गई है. इसका प्राथमिक दायित्व कर्मचारियों पर लागू होने वाली वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन और अन्य लाभों की समीक्षा करना है.
फिटमेंट फैक्टर पर टिका है मुख्य ध्यान
कर्मचारियों के बीच, फिटमेंट फैक्टर ही सबसे गहन चर्चा का विषय बना हुआ है. यह वह विशिष्ट गुणक (multiplier) है जिसका उपयोग किसी कर्मचारी का वेतन निर्धारित करने के लिए किया जाता है. कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि इस फैक्टर को बढ़ाकर 3.25 या उससे अधिक किया जाए, ताकि वेतन में एक ठोस वृद्धि सुनिश्चित हो सके जो महंगाई की दर के साथ तालमेल बिठा सके.
DA और उसके विलय की मांग
वर्तमान में, कर्मचारियों को 58% महंगाई भत्ता (DA) मिल रहा है, जिसके बढ़कर 60% होने की उम्मीद है. इसके अतिरिक्त, कर्मचारी संगठन यह भी मांग कर रहे हैं कि DA को मूल वेतन (Basic Salary) में मिला दिया जाए.
यदि यह मांग मान ली जाती है, तो मूल वेतन में वृद्धि होगी, जिसके परिणामस्वरूप हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), पेंशन और ग्रेच्युटी जैसे अन्य लाभों में भी आनुपातिक वृद्धि होगी. 13 अप्रैल को हुई बैठक के बाद तैयार किया गया ज्ञापन आगामी वेतन आयोग का आधार बनेगा. इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और भत्तों पर असर पड़ेगा.
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