मनीषा त्रिपाठी, भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) के एम्स (AIIMS) में चार महीनों में अब तक 6500 मरीजों ने आयुष्मान कार्ड से इलाज कराया है। इसके साथ ही एम्स का पहला किडनी प्रत्यारोपण भी आयुष्मान से हुआ। साल 2021 में 3994 आयुष्मान लाभार्थियों ने इलाज कराया। यह संख्या 2022 में 8700 हुई जो कि 2023 में बढ़कर 15000 हो गई।

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इसके साथ ही एम्स में साल 2021 में लगभग तीन लाख सत्तर हजार मरीजों ने ओपीडी में इलाज कराया। ये संख्या 2022 में छह लाख थी, जो 2023 में नौ लाख 56 हजार पार कर गई। वहीं, 2021 में एम्स भोपाल के आईपीडी में लगभग 22 हजार मरीजों ने इलाज कर वाया। जबकि 2022 में यह संख्या 32 हजार थी और 2023 में 52 हजार तक पहुंच गई है।

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राजधान भोपाल में स्थित एम्स पर लोगों का विश्वास लगातारबढ़ रहा है, जिससे मरीजों की संख्या भी बढ़ देखी जा रही है।

क्या है आयुष्मान योजना
आयुष्मान भारत कार्ड को 2018 में लॉन्च किया गया था। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं भारत सरकार ने आयुष्मान कार्ड के तहत प्रधान मंत्री आरोग्य योजना (PMJAY) शुरू की। इस योजना के माध्यम से लोग सरकारी और कुछ निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। ये कार्ड पचास करोड़ भारतीयों के पास है और वे उनका उपयोग मुफ्त इलाज के लिए कर रहे हैं। बतादें कि, यह एक बीमा-आधारित स्वास्थ्य सेवा योजना है जिसमें सरकार द्वारा एक वर्ष में प्रति परिवार 5 लाख रुपय तक की स्वास्थ्य सेवाओं तक कैशलेस करती है।

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