पवन राय, मंडला। आदिवासी जिले मंडला के बम्हनी, घुघरी और अंजनिया इलाके के आधा दर्जन से अधिक गांवों में संक्रामक बीमारी डायरिया (उल्टी दस्त) से अब तक 7 बैगा आदिवासियों की मौत हो चुकी है। वहीं लगभग 150 मरीजों को सामुदायिक एवं जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घुघरी इलाके के सरई टोला, देवहरा, आमा टोला, माधोपुर, बिछिया, बम्हनी क्षेत्र के गांवों में स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। मामले को संवेदनशील मानते हुए आज जबलपुर की 11 सदस्यीय टीम माधोपुर पहुंची। डायरिया का कारण जानने पीएचई मंत्री संपतियां उइके ने मृतकों पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ितों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

स्थिति को कर रहे नियंत्रित

पीएचई केबिनेट मंत्री संपतिया उईके का गृह जिला मंडला हैं। संपतियां उइके ने जिला अस्पताल का भ्रमण किया और कहा कि हम बीमारी नियंत्रण करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जांच पश्चात जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की बात कही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सरोते ने स्वीकार किया कि अब तक सात ग्रामीण मरीजों की मौत हो गई है लेकिन विशेषज्ञों का दल प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति को नियंत्रित कर रहे हैं। हमारी टीम भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।

डायरिया फैलने की वजह स्पष्ट नहीं

पीएचई विभाग के अधिकारी भास्कर का कहना हैं कि जिन जिन जगहों पर डायरिया फैल रहा हैं उन जगहों का पानी टेस्ट किया जा रहा हैं। वहीं भास्कर ने कहा अभी डायरिया फैलने की वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगा।

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