आरिफ कुरैशी, श्योपुर। मध्य प्रदेश में श्योपुर जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय से माइग्रेशन के तहत उड़ीसा भेजे गए 19 छात्रों के साथ वहां बड़े छात्रों द्वारा मारपीट और प्रताड़ना का मामला सामने आया है। घटना के बाद बच्चे डरे और सहमे हुए हैं, जबकि उनके परिजन भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

शहीद जवान के परिवार को 1 करोड़ देगी मोहन सरकार, मुख्यमंत्री ने कहा- हम माता-पिता के साथ हैं, सिक्किम सड़क हादसे में गंवाई थी जान

शिकायत लेकर परिजन श्योपुर कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ से मिले। कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उड़ीसा के मलखानगिरी जिले के कलेक्टर से फोन पर बात की और श्योपुर के छात्रों की स्थिति की जानकारी ली। उड़ीसा कलेक्टर ने नवोदय विद्यालय प्रबंधन के अधिकारियों से भी बात की और बच्चों से मिलकर उनके हालचाल जाने।

हालांकि, नवोदय विद्यालय के प्राचार्य और उड़ीसा के कलेक्टर ने बताया कि दिल्ली स्थित समिति की अनुमति के बिना बच्चों को वापस नहीं भेजा जा सकता। इस कारण छात्रों को तत्काल वापस नहीं भेजा जा सका, जिससे परिजन और अधिक चिंतित हो गए हैं।

8 पटवारी निलंबित: कार्य में लापरवाही बरतना पड़ा भारी, कलेक्टर ने की कार्रवाई  

कुछ परिजन, खासकर आदिवासी परिवारों से संबंधित, ने कहा कि उनके पास बच्चों को इतनी दूर से वापस लाने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं और वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। कुछ परिजन श्योपुर से उड़ीसा के लिए अपने बच्चों को लेने रवाना हो चुके हैं।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m