बड़े और जटिल लक्ष्य देख कर घबराहट होती है और उन्हें हासिल करना लगभग असंभव प्रतीत होता है. हम सोचते हैं कि “यह मेरे बस की बात नहीं” और यहीं से हो जाती है हार की शुरुआत. अपने छोटे-छोटे मगर लगातार किए जाने वाले प्रयास से एक बुलंद दरख़्त में सुराख बना देने वाला कठफोड़वा पक्षी (woodpecker) ऐसी परिस्थितियों में बहुत अच्छा शिक्षक साबित हो सकता है क्योंकि उसे मालूम है कि किसी भी बड़े लक्ष्य का भेदन एक ही बार में नही होता उसे छोटे-छोटे भागों में बांट कर ही हासिल किया जाता है.

“Break down an impossible task to manageable size” के मायने यही है कि जिस कार्य को आप असंभव मान रहे हैं उसे छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दीजिए. छोटे टुकड़ों में बांटते ही हर बड़ा काम आसान हो जाता है और सफलता की दिशा में बढ़ाया जाने वाला हर कदम आत्मविश्वास बढ़ाता है.

मान लीजिए किसी का लक्ष्य एक किताब लिखना हो ऐसे में पूरी किताब के विषय में एक बारगी सोचना भारी लग सकता है लेकिन यदि रोज़ सिर्फ एक पेज लिखने का लक्ष्य रखा जाए तो कुछ ही महीनों में एक खासी किताब तैयार हो जाएगी. यही सिद्धांत हर क्षेत्र में लागू है, चाहे वह पढ़ाई हो, करियर हो या व्यक्तिगत विकास.

छोटे-छोटे लक्ष्य में मिलने वाली सफलता निरंतर प्रगति का एहसास कराते हैं. हर छोटी सफलता हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है और परिणाम में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आता है. आज की सुबह से ही इस बात को स्मरण में रखें कोई काम जब आपको असंभव लगे तो घबराइए मत. बस उसे छोटे हिस्सों में बांटिए और एक-एक हिस्से को अंजाम तक पहुंचाते जाइए फिर देखिए कैसे असंभव भी संभव बन जाता है. सौ बात की एक बात, मंज़िल दूर है तो छोटे छोटे कदम धरिए थकान नही होगी.

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक, न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़/लल्लूराम डॉट कॉम