भागलपुर। विश्वकर्मा पूजा के पावन अवसर पर जहां एक तरफ चारों तरफ उत्सव का माहौल था, वहीं कहलगांव थाना क्षेत्र के सदानंदपुर पंचायत अंतर्गत कवैया टोला में दो परिवारों की खुशियां पल भर में उजड़ गईं। स्कूल से छुट्टी के बाद तालाब में स्नान करने गए दो स्कूली छात्रों की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के बाद चार छात्र इलाके के ही एक तालाब में स्नान करने के लिए गए थे। इनमें से दो छात्र नहाकर बाहर आ गए थे, लेकिन बाढ़ के कारण तालाब में पानी का स्तर काफी बढ़ा हुआ था। विभीषण और मनीष को पानी की गहराई का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। स्नान करने के दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद अन्य साथियों ने तुरंत शोर मचाया, जिससे आसपास के ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मां का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण तुरंत तालाब पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद दोनों छात्रों के शवों को बाहर निकाला। लेकिन, तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं। शव बाहर निकलते ही दोनों बच्चों की माताएं उनके शवों से लिपटकर दहाड़ मारकर रोने लगीं। परिजनों के इस भयंकर क्रंदन से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
मृतकों की पहचान नंदलालपुर हरिजन टोला निवासी गिरिराज दास के 15 वर्षीय पुत्र विभीषण कुमार और सुनील हरिजन के 12 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है। विभीषण बसकोला स्कूल में 10वीं कक्षा का छात्र था और अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वहीं, मनीष मध्य विद्यालय नंदलालपुर में 6वीं कक्षा में पढ़ता था और अपने घर का सबसे छोटा बेटा था। दोनों की असमय मौत से मां चंदा देवी और सरिता देवी का रो-रोकर बेहाल हो चुका है।
पुलिस कार्रवाई और मुआवजे की मांग
घटना की जानकारी मिलने के बाद कहलगांव थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेने के बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) को इस दुर्घटना की सूचना दी।
इस दुखद घटना पर सदानंदपुर की मुखिया प्रभा देवी, पूर्व सरपंच विभा देवी और अनिरुद्ध रजक सहित कई स्थानीय गणमान्य लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। जनप्रतिनिधियों ने सरकार और जिला प्रशासन से आपदा प्रबंधन योजना के तहत पीड़ित दोनों गरीब परिवारों को अविलंब उचित मुआवजा देने की पुरजोर मांग की है।



