अतीश दीपंकर/भागलपुर। जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र में एक घटना सामने आई है। यहां एक कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार के दौरान बिजली विभाग की घोर लापरवाही से आधा दर्जन लोग 11 हजार वोल्ट के करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और मातम का माहौल छा गया।

​कैसे घटी घटना?

​मिली जानकारी के अनुसार हबीबपुर के स्थानीय कब्रिस्तान में एक व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया जा रहा था। जब परिजन और ग्रामीण जनाजे (अर्थी) को कब्र की ओर ले जा रहे थे तभी जनाजे की खाट का ऊपरी हिस्सा ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाई-टेंशन तार के संपर्क में आ गया। तार सटते ही तेज धमाके के साथ करंट पूरे खाट में फैल गया, जिससे उसे पकड़े हुए आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

​स्थानीय प्रशासन की तत्परता

​घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों और मौके पर पहुंची हबीबपुर पुलिस ने सक्रियता दिखाई। घायलों को बिना देरी किए स्थानीय सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सा सूत्रों के अनुसार सभी घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।

​विभागीय लापरवाही और ग्रामीणों का आक्रोश

​इस हादसे ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर हाई-टेंशन तार बेहद नीचे लटक रहे हैं जो जानलेवा साबित हो रहे हैं। निवासियों ने बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) संतोष कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जब भी वे तारों की जर्जर स्थिति या खतरे के बारे में सूचना देने के लिए जेई को फोन करते हैं तो वे फोन नहीं उठाते हैं।

​मुखिया प्रतिनिधि की मांग

​शाहजंगी पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि मोहम्मद सिराज ने इस घटना को बिजली विभाग की सीधी लापरवाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई जगह तार जर्जर और लटकती स्थिति में हैं जिन्हें दुरुस्त करने के लिए बार-बार आग्रह किया गया लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए और पूरे इलाके में लटकते तारों को व्यवस्थित किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।