कुशीनगर के कप्तानगंज में छात्रों के दो गुटों की मारपीट के दौरान ईंट लगने से 12 वर्षीय करन साहनी की मौत हो गई. घटना के बाद भीड़ ने कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया.

कुशीनगर. जिले के कप्तानगंज कस्बे में शुक्रवार को छात्रों के दो गुटों के बीच हुई मारपीट के बाद माहौल बिगड़ गया. चकबंदी चौराहे पर हुई झड़प के दौरान ईंट लगने से 12 वर्षीय करन साहनी गंभीर रूप से घायल हो गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. इसके बाद आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ की और पुलिस पर पथराव किया.

मृतक करन कप्तानगंज नगर के वार्ड नंबर 16 हरिहरनाथ दक्षिण मोहल्ले का रहने वाला था. वह गंगा बख्श कानोडिया कॉलेज में कक्षा आठ का छात्र था. परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और करन तीन भाइयों तथा तीन बहनों में सबसे छोटा था.

पानी पीने को लेकर विवाद

बताया गया है कि 11 अगस्त को प्रिंस साहनी और मथौली के रहने वाले इंटर के एक छात्र के बीच स्कूल में नल से पानी पीने को लेकर विवाद हुआ था. प्रिंस ने कथित तौर पर इंटर के छात्र की पिटाई करने की धमकी दी थी.

शुक्रवार को हाफ-डे के बाद कॉलेज की छुट्टी हुई. दोपहर करीब 12:30 बजे चकबंदी चौराहे पर दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई. इसी दौरान चले ईंट-पत्थरों में करन के सिर पर चोट लग गई.

इलाज के दौरान मौत

घायल करन को स्थानीय लोगों ने उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया. वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. घटना की जानकारी फैलने के बाद उसके मोहल्ले के लोग बड़ी संख्या में चकबंदी चौराहे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दिया.

पुलिस मौके पर पहुंची और कॉलेज में मौजूद दो आरोपियों को थाने ले गई. इसके बाद भीड़ ने आरोप लगाया कि कुछ आरोपियों को कॉलेज प्रबंधन ने छिपाया था. लोगों ने कॉलेज का गेट तोड़कर परिसर में प्रवेश किया और तोड़फोड़ शुरू कर दी.

पुलिस पर भी पथराव

उग्र भीड़ ने कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया और प्रबंधक के कक्ष की ओर बढ़ गई. करीब आधे घंटे तक पुलिसकर्मी भीड़ को रोकने का प्रयास करते रहे, लेकिन युवकों ने प्रबंधक के कक्ष का दरवाजा भी तोड़ दिया.

इस दौरान पुलिस और भीड़ के बीच धक्का-मुक्की हुई. पथराव में सिपाही रोशन त्रिपाठी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हुए. करन की बहन और मोहल्ले की इंदू के भी घायल होने की जानकारी सामने आई है.

कॉलेज में आग लगाने की तैयारी

पुलिस के अनुसार, भीड़ में शामिल कुछ लोगों की मंशा कॉलेज में आग लगाने की भी थी. इसकी जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने कॉलेज के मुख्य गेट से लेकर प्रबंधक कक्ष तक सुरक्षा बढ़ा दी, जिससे आगजनी नहीं हो सकी.

तनाव को देखते हुए देर शाम तक एएसपी सिद्धार्थ वर्मा, सीओ डॉ. अजय कुमार सिंह और करीब आठ थानों की पुलिस मौके पर तैनात रही. चकबंदी चौक और आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील रहा.

प्रबंधक ने आरोप नकारे

एएसपी शाम करीब चार बजे मौके पर पहुंचे और सड़क जाम कर रहे लोगों से बातचीत की. मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए, लेकिन डंडे लेकर मौजूद कुछ युवक पीछे हटने को तैयार नहीं थे, जिसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को हटाना पड़ा.

कॉलेज प्रबंधक ज्ञानेश्वर ने कहा कि तीन दिन पहले दोनों छात्रों के बीच पानी पीने को लेकर विवाद हुआ था और उन्हें डांट दिया गया था. शुक्रवार को छुट्टी के बाद चौराहे पर मारपीट हुई और कुछ छात्र कॉलेज परिसर में आ गए, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना देकर छात्रों को पुलिस के हवाले कर दिया. उनका कहना है कि कॉलेज को बेवजह निशाना बनाया गया.

पांच लोगों पर एफआईआर

करन की मां रंभावती देवी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी छात्र और तीन शिक्षकों समेत पांच लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस कॉलेज में तोड़फोड़ और पथराव करने वालों की पहचान सीसीटीवी फुटेज तथा मौके की वीडियोग्राफी के आधार पर कर रही है.

पुलिस का कहना है कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. वहीं, करन की मां का आरोप है कि चकबंदी चौराहे पर हुई मारपीट के दौरान युवकों की ओर से फेंकी गई ईंट से उनके बेटे की जान गई.