Supreme Court Hearing Today on Gyanesh Kumar Controversy: मुख्य चुनाव आयुक्त यानी सीईसी ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) को हटाने और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) रद्द करने को लेकर राहुल गांधी-ओवैसी समेत 14 विपक्षी नेताओं की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत (Chief Justice Surya Kant) और जस्टिस जोयमाल्या बागची की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।

इसके साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट की लिस्ट से हटाने के मामले पर भी अदालत में सुनवाई हो सकती है। इसके अलावा 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान राजधानी दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई को लेकर और उसी दौरान मेट्रो-सड़क बंद करने से जुड़ी अवमानना याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

 बता दें कि लगातर कई दिन प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत 13 विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त यानी सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) रद्द करने को लेकर याचिका लगाई थी। विपक्ष ने अपनी याचिका में चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया, फॉर्म 6 में बदलाव और SIR से जुड़े फैसलों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी याचिका पर भी सुनवाई होगी।

राहुल गांधी के खिलाफ याचिका पर भी हो सकती है सुनवाई

वहीं, दिल्ली में जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इन याचिकाओं पर भी गुरुवार को सुनवाई हो सकती है। इसके साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के नेताओं के सुप्रीम कोर्ट आने पर हुए हंगामे और नारेबाजी के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल हुई है। डॉ. आंबेडकर सोसायटी फॉर थॉट्स, एक्शंस एंड कॉन्शसनेस यानी दस्तक संगठन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ओपन लेटर लिखकर सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने राहुल गांधी से देश की जनता, न्यायपालिका और डॉ. भीमराव आंबेडकर के आदर्शों में विश्वास रखने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।

भारत के संविधान और सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा: प्रमोद तिवारी

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा है कि SIR के नाम पर 13 करोड़ से ज्यादा वोट काट लिए गए हैं। इसमें करोड़ों लोग वो शामिल हैं जो पूरी तरह से वैध मतदाता हैं। अब अगर सुप्रीम कोर्ट इनके पक्ष में निर्णय दे भी देगा तो क्या बंगाल, बिहार जहां चुनाव हो चुका है, वो लौटकर आएगा। प्रमोद तिवारी ने कहा कि हमारी पूरी आस्था और पूरा विश्वास भारत के संविधान और भारत के सर्वोच्च न्यायालय पर है। हमें पूरा विश्वास है कि हमारे तर्कों को सुनने के बाद, संविधान के हर पहलू पर गौर करने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का ऐसा फैसला आएगा जो लोकतंत्र को बचाएगा, वोट के अधिकार की हिफाजत करेगा. हम इस भरोसे के साथ सर्वोच्च न्यायालय गए हैं।

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