जमशेदपुर। होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड की जांच में पुलिस एसआईटी ने सनसनीखेज कड़ियां जोड़ी हैं। जांच में सामने आया है कि हत्या की साजिश का नेटवर्क दुमका जेल से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के पेशेवर शूटरों तक पहुंचा। पुलिस के मुताबिक, निखार की हत्या के लिए करीब 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
जेल में बना शूटरों से संपर्क
SIT की जांच के अनुसार, हत्या को अंजाम देने वाले पेशेवर शूटरों का संपर्क दुमका जेल के भीतर हुआ था। इसके बाद उत्तर प्रदेश से शूटरों को कथित तौर पर जमशेदपुर बुलाया गया।
शूटरों को कई दिनों तक अलग-अलग गुप्त ठिकानों पर रखा गया और निखार सबलोक की गतिविधियों पर नजर रखकर उसकी रेकी कराई गई।
होटल के बाहर मिली लोकेशन, फिर बरसीं 11 गोलियां
वारदात वाले दिन सोनारी निवासी रितेश सिंह ने टाटा-रांची हाईवे स्थित होटल टेंथ माइल स्टोन के बाहर निखार सबलोक की मौजूदगी की पुष्टि की थी। उस समय सुनील रजक वाहन चला रहा था।
पुलिस जांच के मुताबिक, इशारा मिलते ही उत्तर प्रदेश से आए कथित शूटर अंकित सिंह ने निखार पर फायरिंग कर दी। निखार को 11 गोलियां मारी गईं। वारदात के बाद शूटर रांची की ओर भाग निकला और वहां से लगातार ठिकाने बदलता रहा।
पांच राज्यों में SIT का ऑपरेशन
हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के नेतृत्व में SIT की चार टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों ने झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कई जगहों पर छापेमारी की।
छापेमारी और पूछताछ के जरिए पुलिस ने कथित तौर पर सुपारी, शूटरों की जमशेदपुर में मौजूदगी, रेकी और वारदात के बाद फरारी से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया है।
अब जेल कनेक्शन की पूरी कड़ी खंगाल रही पुलिस
दुमका जेल से शूटर मॉड्यूल के जुड़ने की बात सामने आने के बाद पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि जेल के भीतर किसने किससे संपर्क किया, सुपारी की डील किस स्तर पर तय हुई और शूटरों को हत्या के लिए कैसे तैयार किया गया।
SIT इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद हत्याकांड की साजिश और इसमें शामिल आरोपियों को लेकर और बड़े खुलासे होने की संभावना है।



