बिहार के मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसका सीधा असर बिहार पर भी दिखने लगा है, जहां मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सूबे में झमाझम बारिश की चेतावनी दी है।
इन 11 जिलों में मंडराया खतरा, ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के 11 जिलों में भारी बारिश की प्रबल संभावना है। जिन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- पूर्वी व पश्चिमी चंपारण
- सीवान, सारण और गोपालगंज
- बक्सर, भोजपुर और कैमूर
- अरवल, रोहतास और औरंगाबाद
वहीं, राजधानी पटना समेत अन्य कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे। रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जहां इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
पिछले 24 घंटों का हाल: गया में सबसे ज्यादा बरसा पानी
बीते 24 घंटों के दौरान पटना, गया समेत करीब 6 जिलों में बादलों ने जमकर मेहरबानी दिखाई। राजधानी पटना में दिनभर घने बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हुई तेज बारिश से जलजमाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मुख्य शहरों में दर्ज की गई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:
- गया: सबसे अधिक 122 मिमी बारिश
- औरंगाबाद: 70.4 मिमी बारिश
- पटना: 64 मिमी बारिश
- भोजपुर: 61 मिमी बारिश
इस बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से तो निजात दिला दी है, लेकिन इस पूरे सीजन में अब तक सामान्य से करीब 40% कम बारिश होने के कारण जो कमी बनी हुई है, उसके आने वाले दिनों में सक्रिय मानसून से कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
20 से 25 अगस्त तक ऐसा रहेगा मौसमी मिजाज
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 20 से 25 अगस्त के बीच बिहार के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला रहेगा:
- 20 अगस्त: दक्षिण बिहार के जिलों पटना, नालंदा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, आरा और बक्सर में मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
- 21 अगस्त: बारिश का दौर जारी रहेगा और आंधी-तूफान के साथ वज्रपात का खतरा बना रहेगा, हालांकि इस दिन भारी बारिश का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।
- 22 से 23 अगस्त: इन दो दिनों में राज्य के कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जिसमें 22 अगस्त को सबसे ज्यादा बारिश की संभावना है।
- 24 और 25 अगस्त: इस पूरी अवधि के दौरान रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियां पूरे प्रदेश में बनी रहेंगी।


