Significance Rice under Diya: हिंदू धर्म में पूजा और दीपक जलाने का गहरा आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है. दीपक जलाने की प्रथा अत्यंत शुभ और पवित्र मानी जाती है, क्योंकि यह रोशनी और ज्ञान का प्रतीक होता है. जब दीपक जलाया जाता है, तो यह अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संकेत देता है, जो सकारात्मक ऊर्जा और शुभता को बढ़ावा देता है.

दीपक जलाते समय उसके नीचे चावल रखने का भी विशेष महत्व होता है. आइए जानते हैं इसके धार्मिक और वैज्ञानिक कारणों के बारे में विस्तार से.

Also Read This: अंतरराष्ट्रीय लेवल पर छाया आस्था का महाकुंभः Reuters और इस विदेशी मीडिया ने की MahaKumbh की तारीफ, जानिए ऐसा क्या कहा?

धार्मिक दृष्टिकोण (Significance Rice under Diya)

चावल को हिंदू धर्म में एक पवित्र सामग्री माना जाता है. इसे देवी-देवताओं को अर्पित किया जाता है और यह समृद्धि तथा आशीर्वाद का प्रतीक होता है. दीपक के नीचे चावल रखने से यह स्थान शुद्ध होता है और वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. यह पूजा स्थल को अधिक पवित्र बनाता है, जिससे पूजा का प्रभाव बढ़ जाता है.

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

चावल में ऊर्जा को संचित करने की क्षमता होती है. जब दीपक चावल पर रखा जाता है, तो यह ऊर्जा को सोखने और फैलाने का कार्य करता है. चावल के दाने छोटे होते हैं, जो ऊर्जा को अवशोषित कर उसे चारों ओर प्रसारित करते हैं, जिससे पूजा स्थल की ऊर्जा और अधिक शुद्ध हो जाती है.

सुख-शांति और समृद्धि (Significance Rice under Diya)

दीपक के नीचे चावल रखने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. यह धार्मिक परंपरा व्यक्ति और परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक तरीका है. इसलिए, यह परंपरा अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ मानी जाती है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए.

Also Read This: Mahashivratri Special : छत्तीसगढ़ में यहां है खास प्राकृतिक शिवलिंग, हर साल बढ़ रहा आकार, अर्धनारीश्वर के रूप में होती है पूजा