Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर में अधिवक्ता पुरुषोत्तम की हत्या के विरोध में वकीलों ने शनिवार को उग्र प्रदर्शन किया था। शहर के कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया न मिलने पर वकीलों ने हाईवे और रेलवे ट्रैक जाम करने की चेतावनी दी। इस अल्टीमेटम के बाद रविवार को प्रशासन, मृतक के परिजनों और वकीलों के बीच समझौता हो गया, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

डीजे बंद करवाने पर हुआ था विवाद
घटना 2 मार्च की रात की है, जब अधिवक्ता पुरुषोत्तम तेज आवाज में बज रहे डीजे को बंद करवाने के लिए पड़ोस में गए थे। इस दौरान कुछ लोगों ने उनकी पिटाई कर दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद वकीलों में आक्रोश फैल गया।
वकीलों ने मृतक के परिवार के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शनिवार को अजमेर, पुष्कर और नसीराबाद में वकीलों ने बंद का आह्वान किया, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
अजमेर में उग्र प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने कई स्थानों पर दुकानों में तोड़फोड़ की और आनासागर के पास एक दुकान के कर्मचारी के साथ मारपीट की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे स्टेट हाईवे और रेलवे ट्रैक को जाम कर देंगे।
इस चेतावनी के कुछ घंटों बाद सरकार, मृतक के परिजनों और वकीलों के बीच सहमति बन गई, जिसके बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।
इन मांगों पर बनी सहमति
- मृतक के परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी।
- परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
- घटना स्थल के पास स्थित शराब की दुकान हटाई जाएगी।
- मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी।
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