Rajasthan News: जयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के अधीक्षण अभियंता अविनाश शर्मा के कई ठिकानों और जेडीए कार्यालय पर छापेमारी की। जांच में सामने आया कि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने अपनी कुल आय से 253% अधिक, यानी करीब 6.25 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की है।

50 से अधिक संपत्तियां, कई कॉलोनियों में निवेश
ACB ने अपने बयान में बताया कि अविनाश शर्मा ने जयपुर के प्रमुख इलाकों गोपालपुरा मोड़, मानसरोवर, सांगानेर, पृथ्वीराज नगर, जगतपुरा, प्रतापनगर और रिंग रोड के आसपास 25 से अधिक कॉलोनियों में 50 से ज्यादा संपत्तियां खरीदी हैं या निर्माण कार्यों में करोड़ों रुपये खर्च किए हैं।
भ्रष्टाचार के जरिए संपत्ति बनाई
बताया जा रहा है कि जेडीए में रहते हुए उन्होंने गृह निर्माण समितियों और बिल्डर्स को फायदा पहुंचाकर कीमती भूखंड कम दरों पर हासिल किए। एसीबी की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं, जिनकी विस्तृत जांच की जा रही है।
बेटियों की पढ़ाई पर लाखों खर्च
जांच में पता चला कि आरोपी और उसके परिवार के 7 बैंक खातों में करीब 30 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा, उन्होंने बेटियों की स्कूली शिक्षा, कोचिंग और उच्च शिक्षा पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए, जिसमें मणिपाल यूनिवर्सिटी और पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का खर्च शामिल है। इसके अलावा, अभियंता ने म्यूचुअल फंड में करीब 90 लाख रुपये का निवेश किया है।
लग्जरी गाड़ियों का भी शौक
ACB की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के पास दुपहिया और चौपहिया वाहनों की बड़ी संख्या है, जिनकी खरीद और संचालन में करीब 25 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
पढ़ें ये खबरें
- ‘तो आज नहीं देखना पड़ता यह दिन…’, Land for Job Case में लालू परिवार पर आरोप तय होने के बाद गिरिराज सिंह का बड़ा बयान
- गर्ल्स हॉस्टल से लापता हो रही छात्राएं: दो छात्राओं के गायब होने से हिली व्यवस्था, हॉस्टल अधीक्षिकाएं सस्पेंड, विभागीय लापरवाही पर उठे सवाल
- गणतंत्र दिवस समारोह से पहले आसमान में उड़ने वाले ‘चीलों’ को चिकन परोसेगी दिल्ली सरकार, जानिए पूरा मामला
- Maoists Surrender : 63 माओवादियों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, मुख्यमंत्री साय ने कहा- बंदूक नहीं, संवाद और विकास ही स्थायी समाधान
- धान शॉर्टेज मामले में बड़ी कार्रवाई : संग्रहण केंद्र प्रभारी निलंबित, DMO को कारण बताओ नोटिस जारी, मामले की जांच के लिए समिति गठित

