लखनऊ. लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) पेश होना है. इसे लेकर यूपी पुलिस की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. यहां तक कि जिनकी छुट्टियां पहले से मंजूर थी, जो घर के लिए निकल चुके थे, उन्हें भी तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए कहा गया है. मुस्लिम समुदाय के विरोध को देखते हुए पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है. कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, संभल में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया है. वहीं इस बिल को लेकर अब मौलाना तौकीर रजा और मौलाना कल्बे जव्वाद की प्रतिक्रिया सामने आई है.

बरेली में इत्तेहादे मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा ने कहा कि ये बिल किसी भी कीमत पर कबूल नहीं किया जाएगा. हमारी जायदादें छीनी जा रही हैं. योगी के बरेली में दंगों पर दिए बयान पर तौकीर रजा ने पलटवार करते हुए कहा कि जब दंगाई सत्ता में हैं तो दंगे कैसे हो सकते हैं? दंगे और बम भाजपा ने हिफाजत से रखे हुए हैं, ताकि जब वे सत्ता में नहीं होंगे, तो इनका इस्तेमाल करेंगे.

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इधर लखनऊ में मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि यह मुसलमानों के खिलाफ साजिश है. यह वक्फ बिल नहीं, बल्कि वक्फ को खत्म करने और मुस्लिम समुदाय की धरोहर को नष्ट करने का षड्यंत्र है. उन्होंने मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर इस बिल का विरोध करने की अपील की है. साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसे वापस नहीं लिया गया तो देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा. इसके अलावा विपक्ष ने भी इस बिल का विरोध करने की तैयारी कर रखी है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने व्हिप जारी किया है. अपने सभी सांसदों को बुधवार को लोकसभा में रहने और वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेने के लिए कहा है.

मुस्लिम समुदाय ने काली पट्टी बांधकर पढ़ी थी नमाज

बता दें कि बीते दिनों नमाज के दौरान मुस्लिम समुदाय के कई लोगों ने काली पट्टी बांधकर संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) का विरोध भी किया था. जिसे देखते हुए पुलिस को अलर्ट किया गया है. इसी कड़ी में सुबह-सुबह सभी जोन में पुलिस अधिकारियों ने पीएसी की चार कंपनियों के साथ पैदल मार्च भी किया है.

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फरवरी में बिल को दी गई थी मंजूरी

बता दें कि कैबिनेट ने 19 फरवरी को वक्फ संशोधन बिल को मंजूरी दी थी। बिल पर बनी जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की रिपोर्ट के आधार पर वक्फ बिल का नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है। बिल पर JPC की रिपोर्ट बजट सत्र के पहले फेज में 13 फरवरी को संसद में पेश हुई थी। कमेटी ने 30 जनवरी को 655 पन्नों रिपोर्ट स्पीकर ओम बिरला को सौंपी थी। इस दौरान JPC अध्यक्ष जगदंबिका पाल, निशिकांत दुबे सहित अन्य भाजपा सांसद मौजूद रहे थे। हालांकि विपक्ष का कोई सांसद नजर नहीं आया था।