राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में सेक्स वर्करों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है, पुलिस मुख्यालय ने एक ऐसा कदम उठाया है जो वेश्यावृत्ति से जुड़ी महिलाओं के लिए राहत का कारण बनेगा। अब, ढाबों और होटलों में संचालित वेश्यालयों से पकड़ी जाने वाली महिला सेक्स वर्कर्स को पुलिस आरोपी नहीं बना सकेगी। पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों और भोपाल एवं इंदौर के पुलिस आयुक्तों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, ऐसे मामलों में पकड़ी गई महिला सेक्स वर्कर को न तो गिरफ्तार किया जाएगा, न ही परेशान किया जाएगा।
सेक्स वर्कर्स को भी बना दिया जाता था आरोपी
अक्सर देखा जाता है कि पुलिस जब होटल ढाबों पर दबिश देती है तो कार्रवाई के दौरान महिला सेक्स वर्कर्स को आरोपी बना दिया जाता था, जबकि वे कई बार केवल शोषित होती थीं। अब, इस पर स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं, जिनके अनुसार पुलिस को इन महिलाओं के साथ पीड़ित और शोषित व्यक्तियों जैसा व्यवहार करना चाहिए, न कि उन्हें दोषी ठहराना।
महिला सेक्स वर्कर के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति से पेश आने के निर्देश
इस दिशा में पुलिस अधिकारियों को कठोर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी महिला सेक्स वर्कर के अधिकारों का उल्लंघन न हो। साथ ही, पुलिस को यह भी ध्यान रखने को कहा गया है कि महिला सेक्स वर्कर के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति से पेश आया जाए। इस फैसले के साथ, राज्य पुलिस अब उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सहानुभूतिपूर्ण वातावरण बनाने के लिए तैयार है, जो कभी कानून के शिकंजे में फंस जाती थीं।

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