कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले की हर तरफ निंदा हो रही है। इस हमले की अकाल तख्त ने कड़ी निंदा की है। अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। इस दौरान वह मंजर नहीं लोगों के आंखों में झूल गया जब कश्मीर में सीखो का नरसंहार हुआ था।
उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों में कश्मीर में नागरिकों पर हुए सबसे भीषण आतंकी हमलों में से एक में पहलगाम के बैसरन मैदान में मंगलवार को आतंकवादियों ने कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई। इनमें जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे।

सिखों की सर्वोच्च लौकिक सीट के कार्यवाहक जत्थेदार ने कहा,की वह भी दिन भयानक था जब मार्च 2000 में कश्मीर के चित्तीसिंहपुरा में हुए नरसंहार हुआ था, इसमें 35 सिख मारे गए थे। उन्होंने पहलगाम घटना में न्याय की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि चित्तीसिंहपुरा हत्याकांड के पीछे की सच्चाई भी सामने आनी चाहिए ताकि प्रभावित परिवारों को अंततः न्याय मिल सके।
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