Rajasthan News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एक मां ने अपने 4 साल के बेटे और 2 महीने की बेटी को कुएं में फेंक दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। घटना गुरुवार दोपहर सदर थाना क्षेत्र के मोकरवाडा गांव की है। वहीं, 6 साल की बड़ी बेटी मां का हाथ छुड़ाकर मौके से भाग निकली, जिससे उसकी जान बच गई।

स्थानीय लोगों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी महिला की पहचान 30 वर्षीय वर्षा डामोर के रूप में हुई है, जो बुएला गांव (गुमानपुरा पंचायत) की निवासी है।
5 किलोमीटर दूर ले जाकर बच्चों को कुएं में फेंका
एएसआई भवानी सिंह के मुताबिक, वर्षा अपने तीन बच्चों उर्मिला (6), जीतू (4), और दो महीने की बेटी को लेकर घर से निकली थी। वह करीब 5 किमी दूर मोकरवाडा गांव पहुंची, जहां नदी किनारे एक बिना मुंडेर वाला कुआं है। वहां उसने पहले जीतू और फिर नवजात बेटी को कुएं में फेंका।
जब वह बड़ी बेटी उर्मिला को भी फेंकने लगी, तो बच्ची हाथ छुड़ाकर भाग गई। खेतों में काम कर रहे लोगों ने यह दृश्य देख लिया और तुरंत दौड़कर बच्ची को बचाया। साथ ही वर्षा को भी पकड़ लिया।
दो घंटे की मशक्कत, लेकिन नहीं बच पाए बच्चे
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की कोशिशों के बाद दोनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले जा सके।
महिला का बयान: “मरने के बाद बच्चों का क्या होता?”
पूछताछ में वर्षा ने बताया कि दो महीने पहले उसका बच्चेदानी का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वह लगातार पेट दर्द से परेशान थी। दर्द असहनीय हो गया था और इसी मानसिक स्थिति में उसने यह कदम उठाया। उसका कहना था अगर मैं मर जाऊं, तो इन बच्चों की देखभाल कौन करेगा?
फिलहाल महिला अस्पताल में भर्ती
वर्षा को जिला अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती कराया गया है। वहां एक महिला पुलिसकर्मी और दो कॉन्स्टेबल की निगरानी में उसका इलाज जारी है। उसका पति सुनील डामोर ऑटो चलाता है।
पढ़ें ये खबरें
- 200 करोड़ की ठगी मामला: जैकलीन की अर्जी पर ED ने मांगा समय, बनना चाहती हैं सरकारी गवाह
- नक्सल क्षेत्र से उभर रही नई प्रतिभाएं : बस्तर के युवा शतरंज में बना रहे पहचान, अंडर-15 में मयंक और अंडर-11 में अयांश ने मारी बाजी
- ईरान के भारतीय जहाजों पर हमले को लेकर रिएक्शन ? पत्रकार के इस सवाल पर भड़के ट्रंप, बोले- GET OUT !
- पल भर में उजड़ गई दुनिया, तालाब में डूबने से सगे भाइयों और बहन की मौत, परिजनों में मचा कोहराम
- शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, 11 हजार प्रमोशन के बाद भी स्कूल खाली, 3833 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं; देखें पूरी रिपोर्ट
