बस्ती के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में बिना जरूरी जांच के ड्राइविंग लाइसेंस मंजूर किए जाने के मामले में परिवहन विभाग ने कार्रवाई की है. जांच में 998 लाइसेंसों में तय प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक जांच नहीं किए जाने की बात सामने आई.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने मंगलवार को बस्ती के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में अनियमितता के मामले में कार्रवाई की. मोटरयान निरीक्षक संजय कुमार दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि मोटरयान निरीक्षक सीमा गौतम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. दोनों अधिकारियों के खिलाफ सतर्कता जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन लखनऊ को पत्र भेजा गया है.

जांच में सामने आया कि संजय कुमार दास ने 785 और सीमा गौतम ने 213 ड्राइविंग लाइसेंस बिना जरूरी जांच-पड़ताल के मंजूर किए. इस तरह कुल 998 लाइसेंस ऐसे पाए गए, जिनमें निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक जांच नहीं की गई थी. मामले की विस्तृत जांच के दौरान बस्ती कार्यालय के कम्प्यूटरीकृत रिकॉर्ड और एनआईसी लखनऊ से मिले डाटा की जांच की गई. जांच रिपोर्ट 31 अगस्त को प्रस्तुत की गई.

सारथी पोर्टल पर जांच में लापरवाही

परिवहन आयुक्त ने बताया कि प्रदेश में एक अप्रैल 2013 से ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन सारथी पोर्टल के जरिए जारी किए जा रहे हैं. इसके बावजूद बस्ती कार्यालय में एक अप्रैल 2013 के बाद जारी किए गए कुछ लाइसेंसों को बैकलॉग किया गया.

लाइसेंस आवेदन को मंजूरी देने से पहले सारथी पोर्टल पर उपलब्ध ‘Extract of Driving Licence’ और ‘Application Personal Details’ का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया गया.

पते के प्रमाण का सत्यापन नहीं

जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी आवेदन के साथ अपलोड नहीं की गई थी. इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलने के लिए किए गए कई आवेदनों में लगाए गए पते के प्रमाणों का भी जरूरी सत्यापन नहीं कराया गया.

लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई

परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने बताया कि जांच में नियम विरुद्ध पाए गए ड्राइविंग लाइसेंसों को रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मामले में सेवा प्रदाता कंपनी के जिन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है, उन्हें सेवा से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है.

संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी यानी बैंक गारंटी जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है. परिवहन आयुक्त ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में लापरवाही, नियमों की अनदेखी या किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.