Janmashtami 2026: किन चीजों के बिना अधूरा माना जाता है श्रीकृष्ण का श्रृंगार?

जन्माष्टमी के खास दिन पर भक्त बहुत श्रद्धा और प्रेम के साथ श्रीकृष्ण का श्रृंगार करते हैं

बांसुरी धारण किए, मोर मुकुट सजाए और अपनी लीलाओं से भक्तों का मन हरते भगवान कृष्ण को भक्त कई नामों से पुकारते हैं.

इस साल 4 सितंबर को श्रीकृ्ष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा

इस खास दिन पर भक्त घर के मंदिर में लड्डू गोपाल या श्रीकृष्ण की प्रतिमा का श्रृंगार करते हैं

मोर मुकुट मोरपंख को सुंदरता, सकारात्मकता और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है

बांसुरी- भक्तों के लिए बांसुरी प्रेम, मधुरता और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है

वैजयंती माला- वैजयंती माला श्रीकृष्ण के गले में हमेशा सुशोभित रहती है और उनके श्रृंगार का अहम हिस्सा है

पीतांबर- पीले रंग को ज्ञान, पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है

आभूषण- श्रीकृष्ण के बाल गोपाल स्वरूप का श्रृंगार करते वक्त भक्त मोर मुकुट और बांसुरी के साथ कुंडल, हार, बाजूबंद, कंगन, पायल और कमरबंध जैसे आभूषण भी पहनाते हैं.

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