अविनाश श्रीवास्तव, सासाराम। जिले में शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों की शिक्षण क्षमता और गुणवत्ता में सुधार के लिए पांच दिवसीय प्रोग्राम लर्निंग ट्रेनिंग का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के प्रति कई शिक्षकों की उदासीनता और रुचि की कमी देखने को मिली है, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बिना किसी सूचना या वैध कारण के इस प्रशिक्षण से अनुपस्थित रहने वाले 28 लापरवाह शिक्षकों पर जिला शिक्षा विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका वेतन रोक दिया है और सभी से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।

​प्रशिक्षण संस्थानों में अनुपस्थिति का हाल

​यह पांच दिवसीय आवासीय और गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सासाराम स्थित जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (DIET) और प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (PTEC) में संचालित किया जा रहा है। विभाग से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में प्रशिक्षण ले रहे कुल 200 शिक्षकों में से 26 शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा, प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (PTEC) में ट्रेनिंग ले रहे 65 शिक्षकों में से 15 शिक्षक शामिल नहीं हुए। इस तरह कुल 28 से अधिक शिक्षकों की गैर-हाजिरी सामने आई, जिन्होंने विभाग के निर्देशों की अवहेलना की।

​ मदन राय ( जिला शिक्षा पदाधिकारी सासाराम)

जिला शिक्षा पदाधिकारी की दो टूक चेतावनी

​रोहतास के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मदन राय ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि शिक्षकों की ऐसी लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता और बच्चों को बेहतर पढ़ाने के तौर-तरीकों को सिखाने के लिए समय-समय पर इस तरह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं, ताकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधर सके। इसके बावजूद शिक्षकों का इस तरह से प्रशिक्षण से गायब रहना चिंता का विषय है। फिलहाल विभाग की इस कार्रवाई से अनुपस्थित शिक्षकों में हड़कंप मच गया है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इन शिक्षकों के स्पष्टीकरण पर विभाग आगे क्या अंतिम फैसला लेता है।