कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग ने फर्जी और अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सचिन श्रीवास्तव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान पांच और क्लीनिकों को सील कर दिया। यह कार्रवाई ग्वालियर शहर और आसपास के क्षेत्रों में की गई, जहां चार दिनों में कुल 15 क्लीनिकों पर ताले डाले जा चुके हैं।

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निरीक्षण के दौरान सामने आया कि ये क्लीनिक बिना CMHO कार्यालय में पंजीयन के संचालित हो रहे थे। कई क्लीनिकों में 12वीं पास, RMP, और नर्सिंग डिग्री धारक बिना उचित योग्यता के एलोपैथी का इलाज कर रहे थे, जो नियमों का घोर उल्लंघन है। एक क्लीनिक में तो 12वीं पास व्यक्ति द्वारा मरीजों का इलाज किया जा रहा था, जिसे झोलाछाप डॉक्टर की श्रेणी में रखा गया है। 

सील किए गए क्लीनिकों की सूची

  • वी.एस. राजपूत क्लीनिक, आदित्यपुरम – संचालक के पास केवल RMP डिग्री थी।  
  • सरोज आरोग्यम क्लीनिक, मोतीझील – वीर सिंह तोमर के पास जन स्वास्थ्य रक्षक प्रमाण पत्र था।  
  • मुस्कान क्लीनिक, लधेड़ी – बीरेंद्र बाथम के पास GNM डिप्लोमा था।  
  • कुशवाह क्लीनिक, स्टोन पार्क, ग्वालियर – वीर सिंह कुशवाह केवल 12वीं पास थे।  
  • आरुष क्लीनिक, मोतीझील – भूप सिंह धाकड़ के पास B.Sc. नर्सिंग डिप्लोमा था।

स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी क्लीनिकों को सील करने के साथ-साथ फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और उचित मेडिकल डिग्री के चिकित्सा कार्य करना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा, “ऐसे झोलाछाप डॉक्टर मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। हमारी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। 

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