Chandra Grahan 2025: धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण काल को अत्यंत चमत्कारी समय माना गया है. मान्यता है कि इस अवधि में किए गए जप, ध्यान और दान का फल सामान्य दिनों से कई गुना अधिक होता है. यही कारण है कि ग्रहण के समय विशेष उपाय करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है.
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Chandra Grahan 2025
ग्रहण काल का महत्व (Chandra Grahan 2025)
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में अदृश्य शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं, जो साधना और पूजा-पाठ को अधिक प्रभावी बनाती हैं. इस समय किए गए मंत्रजाप और दान से ग्रहदोष शांत होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
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भारत में कब और कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025)
इस वर्ष का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण 7 सितंबर 2025 (रविवार) की रात से 8 सितंबर की सुबह तक रहेगा. यह पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) भारत में साफ दिखाई देगा.
- ग्रहण आरंभ: रात 8:58 बजे
- पूर्ण ग्रहण: रात 11:00 बजे से 12:22 बजे तक
- ग्रहण समाप्ति: सुबह 2:25 बजे
भारत के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ एशिया, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका में भी यह खगोलीय घटना देखी जा सकेगी.
ग्रहण काल में क्या करें उपाय (Chandra Grahan 2025)
- महामृत्युंजय मंत्र और गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है.
- तिल, अनाज और वस्त्र दान करना पितृदोष निवारण के लिए शुभ माना जाता है.
- गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि ग्रहण काल के दौरान घर से बाहर न निकलें और विशेष सावधानी बरतें.
- ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर भगवान की पूजा और दान करने से ग्रहण दोष दूर होता है.
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