लक्षिका साहू, रायपुर. तीजा-पोरा उत्सव में पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे के भाषण पर प्रदेश कांग्रेस संगठन में सियासत गरमाई हुई है. चौबे के भाषण के बाद पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का चौबे को लेकर तंज पूर्ण बयान सामने आया था, जिससे ये कहा जा सकता है कि चौबे की शिकायत हाईकमान तक जा पहुंची है. संगठन में खीचतान के बीच कल चौबे ने नेताप्रतिपक्ष चरणदास महंत से भी मुलाकात करते नजर आए. इसी बीच अब पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने रविन्द्र चौबे का समर्थन किया है.
बघेल ने कहा है कि रविन्द्र चौबे उम्र और राजनैतिक अनुभव से प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं. उनके बयान में उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं कहा जिसे अनुशासनहीनता के दायरे में लाया जाए. ऐसा करना गलत होगा. कलेक्टिव लीडरशिप पर जोर देते हुए भूपेश बघेल ने ये भी कहा कि कांग्रेस हमेशा सामूहिक नेतृत्व के साथ लड़ाई लड़ती है और दीपक बैज के नेतृत्व में अनेक आंदोलन और लड़ाई छत्तीसगढ़ में लड़ी गई है. हाईकमान जिसे भी जिम्मेदारी देता है उनके नेतृत्व में सभी काम करते हैं.


पूर्व मंत्री रवींद्र चौबे के बयान का संदर्भ समझाते हुए बघेल ने कहा कि उनसे पारिवारिक संबंध है. तीज मिलन के कार्यक्रम में संयोग से उनका जन्मदिन भी था. जैसे बड़े आशीर्वाद देते हैं वैसे ही उन्होंने देते हुए स्नेह से वो बातें कही. ऐसे बयान समय-समय पर नेता भाषण में देते रहते हैं और दिए भी गए हैं. इसे अनुशासनहीनता समझना गलत होगा.
दरअसल पूर्व मंत्री रवीन्द्र चौबे ने तीजा-पोरा उत्सव के भाषण में ये कहा था कि प्रदेश की जनता ये चाहती है कि भूपेश बघेल ही कांग्रेस का नेतृत्व करें. चौबे द्वारा कही गई बातें पार्टी के प्रोटोकॉल अनुसार अनुशासनहीनता की श्रेणी में आती है. ऐसे में चौबे के भाषण पर बैज के बयान, नेताप्रतिपक्ष से मुलाकात और अब बघेल के समर्थन के बीच सवाल बना हुआ है कि क्या चौबे पर गाज गिर सकती है.
बीजेपी अध्यक्ष पर बघेल ने साधा निशाना
पीसीसी में बघेल कांग्रेस कमेटी और बैज कांग्रेस कमेटी बनने को लेकर बीजेपी लगातार चुटकी लेते हुए नजर आई है. बीजेपी के बयानों को लेकर बघेल ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा है. साथ ही बस्तर के लोगों की प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति में चुप्पी साधने की बात कही है. बघेल ने कहा कि बीजेपी षड्यंत्रकारी लोग हैं. इन्हें सिर्फ अवसर चाहिए होता है, कैसे कांग्रेस के बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाए. बीजेपी कांग्रेस दोनों के प्रदेश अध्यक्ष बस्तर के हैं. हमारे अध्यक्ष लगातार बातचीत कर रहे. बस्तर में हुए जनहानि को लेकर बीजेपी के अध्यक्ष के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता. आज जरूरत किसानों को खाद की है, क़ानून व्यवस्था पर कसावट लाने की है, शिक्षकों की आवश्यकता पूरी करने, बिजली कटौती ठीक करने की है, लेकिन बीजेपी के अध्यक्ष को इन सबसे कोई लेना देना नहीं है.
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें