अमृतसर. पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जोरों पर हैं। सेना की एविएशन इकाइयों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें ‘चीता’ हेलीकॉप्टर सहित पांच एमआई-17 और चिनूक हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा, वायुसेना ने जम्मू क्षेत्र में बाढ़ राहत कार्यों के लिए अपने परिवहन विमान एएन-130 को भी उतारा है।


सेना और वायुसेना की मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) टीमें लगातार काम कर रही हैं। अब तक 1600 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जिनमें चनाब, रावी और ब्यास नदियों में फंसे लोग शामिल हैं। इनमें पंजाब सरकार के 11 अधिकारी और 212 अर्धसैनिक बलों के जवान भी हैं। सेना के 12 हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में लगे हैं, जिन्होंने 95 विंच और 101 लो होवर ऑपरेशन किए हैं। अब तक 3800 किलोग्राम राहत सामग्री प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा चुकी है।


सेना की राइजिंग स्टार कोर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 20 टुकड़ियां तैनात की हैं, जिन्होंने 943 लोगों को बचाया है। इनमें एक अनाथ आश्रम के 50 बच्चे, 56 बीएसएफ और 21 सीआरपीएफ जवान शामिल हैं, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में फंसे थे। वज्र कोर का पठानकोट डिवीजन रामदास-अजनाला क्षेत्र में ऑपरेशन चला रहा है, जहां जवान 40 से अधिक डूबे हुए गांवों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं और उन्हें दवाइयां, भोजन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं।

डेरा बाबा नानक में फंसे सैनिक, वायुसेना ने किया बचाव

पंजाब के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि राहत कार्य में लगे सैनिकों की जान भी खतरे में पड़ रही है। डेरा बाबा नानक में 38 सैनिक और 10 बीएसएफ जवान फंस गए थे, जिन्हें वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने सुरक्षित निकाला। इसी तरह, पठानकोट में फंसे 46 लोगों को वायुसेना ने एयरलिफ्ट किया और वहां 750 किलोग्राम राहत सामग्री पहुंचाई।