अजयारविंद नामदेव, शहडोल। मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहडोल जिले की ग्राम पंचायत बरूका के रोहनिया में बने गौशाला परिसर से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, आज सुबह गौशाला में पांच गाय मृत अवस्था में पाई गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में करीब 150 गौवंश रखे गए हैं, लेकिन उनकी देखरेख के लिए सिर्फ एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी नियुक्त हैं। ऐसे में इतने बड़े स्तर पर गायों की सेवा-संभाल कर पाना नामुमकिन है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौशाला में न तो नियमित चारा-पानी की व्यवस्था है और न ही समय पर पशुचिकित्सक आते हैं। यही कारण है कि बीमारियों और कुपोषण की वजह से कई गायें दम तोड़ रही हैं।
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गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की ओर से गौशालाओं के संचालन पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाने का दावा किया जाता है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ना तो पर्याप्त स्टाफ है, ना ही पशु चिकित्सा सुविधा और न ही पारदर्शी मॉनिटरिंग व्यवस्था। शहडोल और आसपास की कई पंचायतों में गौशालाओं में चारा-पानी के नाम पर फर्जी बिल लगाकर राशि हड़पने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
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